जंगलमहल में सर्पदंश से मौत के मामलों पर चिकित्सकों ने जतायी चिंता
बांकुड़ा : पश्चिम बंगाल में पाये जाने वाले सांपों के जहर पर व्यापक शोध करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप एंटी-स्नेक वेनम (एवीएस) तैयार करने की जरूरत पर चिकित्सकों ने जोर दिया है। सर्विस डॉक्टर्स फोरम की बांकुड़ा शाखा की ओर से जंगलमहल क्षेत्र में सर्पदंश से होने वाली मौतों को लेकर बांकुड़ा जिलाधिकारी कार्यालय के माइनॉरिटी हॉल में एक कार्यशाला आयोजित की गयी।
कार्यशाला में बांकुड़ा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अलावा जिले के विभिन्न ग्रामीण अस्पतालों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के चिकित्सक व चिकित्सा अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान विशेषज्ञों ने विशेष रूप से जंगलमहल क्षेत्र में सर्पदंश की समस्या, उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था तथा सर्पदंश से होने वाली मौतों के कारणों पर विस्तार से चर्चा की।
सर्विस डॉक्टर्स फोरम के महासचिव डॉ. सजल विश्वास ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पाये जाने वाले सांपों के जहर के खिलाफ वर्तमान में उपलब्ध एंटी-स्नेक वेनम (एवीएस) की प्रभावशीलता को लेकर सवाल हैं। उन्होंने कहा कि बांकुड़ा के जंगलमहल क्षेत्र में पाये जाने वाले सांपों के जहर के अनुरूप एवीएस उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज के दौरान चिकित्सकों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जंगलमहल जैसे क्षेत्रों में सर्पदंश के मामलों और उससे होने वाली मौतों की संख्या चिंताजनक है। ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी और एवीएस की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है।
फोरम की ओर से इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को एक लिखित प्रस्ताव भी सौंपे जाने की जानकारी दी गयी। प्रस्ताव में बंगाल में पायी जाने वाली विभिन्न प्रजातियों के सांपों और उनके जहर पर शोध के लिए शोध केंद्र एवं विष संग्रह केंद्र स्थापित करने की मांग की गयी है। इसके अलावा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल एवीएस तैयार करने के लिए प्रयोगशाला स्थापित करने तथा इसके लिए पर्याप्त धन आवंटित करने की मांग भी की गयी है।
फोरम की ओर से बताया गया कि इस प्रस्ताव के संबंध में आगे भी जानकारी जुटायी जायेगी, ताकि सर्पदंश की समस्या से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा सकें।

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