रानीगंज -रानीगंज की मारवाड़ी सामाजिक संस्थाओं में एक श्री कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन में लोकतांत्रिक व्यवस्था और नए चुनाव को लेकर लंबे समय से जारी सुगबुगाहट अब एक बड़े जनांदोलन का रूप लेने जा रही है. श्री सीतारामजी मंदिर एस्टेट संचालित 'श्री कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन' की प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता और नई कमेटी के गठन की मांग को लेकर गौ प्रेमी राजा गोयनका ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर दोपहर 12:30 बजे से सराफ भवन के समक्ष सामूहिक अनशन सह धरने का बिगुल फूंक दिया है.
सालों से एक ही व्यक्ति का कब्जा, समाज को दें जवाब: राजा गोयनका
राजा गोयनका ने सराफ भवन की वर्तमान कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह भवन श्री श्री सीताराम जी मंदिर एस्टेट की ही एक अभिन्न इकाई है. नियमानुसार, श्री सीताराम जी मंदिर एस्टेट के चुनाव के बाद जो अध्यक्ष और सचिव चुने जाते हैं, उन्हें ही सराफ भवन के संचालन का अधिकार होना चाहिए.
गोयनका ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "सराफ भवन में सालों से लोकतांत्रिक चुनाव को दरकिनार किया गया है।.वर्तमान में मनोज सराफ वर्षों से इस संस्था के प्रमुख पद पर जमे हुए हैं. समाज को यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या यह किसी की निजी संपत्ति है या मारवाड़ी समाज की? यदि यह समाज की संस्था है, तो इसका पूरा लेखा-जोखा और हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए,यहां भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्ध जनों के साथ बातचीत के जरिए हल निकालने का हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन कोई ठोस परिणाम न निकलने पर उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा.उन्होंने साफ किया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि संस्था में पारदर्शी और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल कराने की है.
दूसरी ओर, आरोपों के घेरे में आए कन्हैया लाल भगवान दास सराफ स्मृति भवन के वर्तमान चैयरमैन मनोज सराफ ने पूरे मामले पर को लेकर कहा कि उनके पास फिलहाल ऐसे किसी अनशन या धरना प्रदर्शन की आधिकारिक सूचना नहीं है.
मनोज सराफ ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया, "यह देखना बेहद जरूरी है कि जो लोग भूख हड़ताल या धरना प्रदर्शन का ऐलान कर रहे हैं, क्या वे इस संस्था के वैध सदस्य हैं भी या नहीं? साथ ही इस अनशन में समाज के कौन-कौन से लोग उनके साथ खड़े होते हैं, इस पर भी मेरी नजर रहेगी.अनशन की पूरी प्रक्रिया देखने के बाद ही मैं समाज के सामने अपना पक्ष खुले तौर पर रखूंगा.
मारवाड़ी समाज में चर्चाओं का बाजार गर्म
गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर 12:30 बजे से शुरू होने वाले इस हाई-प्रोफाइल सामूहिक अनशन के ऐलान के बाद से ही रानीगंज के पूरे मारवाड़ी समाज में.चर्चा बनी हुई है .एक तरफ जहां संस्था में लोकतंत्र और पारदर्शिता की मांग करने वाला राजा गोयनका के समर्थन में लामबंद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ वर्तमान प्रबंधन के रुख से माहौल और गरमा गया है.अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को सराफ भवन के सामने होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन पर टिकी हैं.



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