कोलकाता - पश्चिम बंगाल और झारखंड की एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) के संयुक्त तलाशी अभियान के तहत प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के केंद्रीय समिति के सदस्य और शीर्ष नेता असीम मंडल उर्फ आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। माओवादी हलकों में वह मुख्य रूप से 'आकाश' के नाम से ही जाने जाते थे।
मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर स्थित गढ़बेता के रहने वाले असीम मंडल ने अस्सी के दशक के उत्तरार्ध में छात्र जीवन के दौरान ही नक्सलवादी राजनीति में प्रवेश किया था। इसके बाद, वर्ष 1999 में वह गढ़बेटा में गठित पहले सशस्त्र दस्ते (स्क्वाड) के सदस्य बने। वर्ष 2011 में किशेनजी की मृत्यु के समय वह बंगाल राज्य समिति के सचिव के पद पर कार्यरत थे। बाद में वह झारखंड चले गए और लंबे समय तक भूमिगत रहकर संगठन का कामकाज संभाल रहे थे। अंततः, झारखंड और पश्चिम बंगाल पुलिस के संयुक्त अभियान में उन्हें धर दबोचा गया।
दूसरी ओर, इस गिरफ्तारी के बाद माओवादियों और विभिन्न लोकतांत्रिक अधिकार मंचों की ओर से असीम मंडल सहित सभी राजनीतिक बंदियों के लिए 'राजनीतिक बंदी' का दर्जा दिए जाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, यह आरोप भी लगाया गया है कि 29 जून, 2026 से उनके परिवार से बातचीत करने और कानूनी सहायता पाने जैसे उनके बुनियादी अधिकारों को छीन लिया गया है, जिसे तुरंत बहाल करने और सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने की मांग की गई है।


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