महामंगल पाठ में सुहागिन भक्तों ने किया सामूहिक मंगल पाठ, जात पूजा में उमड़ी श्रद्धा
रानीगंज : शहर में स्थित करीब डेढ़ सौ वर्ष पुराने श्री राणीसती दादी जी मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव का रविवार संध्या को श्रद्धा और भक्ति के साथ समापन हुआ.महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर में जात पूजा, पाठ पूजा और महामंगल पाठ का आयोजन किया गया.इसमें दादी जी की सुहागिन भक्तों ने सामूहिक रूप से महामंगल पाठ कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की.
मंदिर की मंगल पाठ वाचिका सुषमा जोशी ने बताया कि दादी जी मंदिर में प्रत्येक वर्ष तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जाता है.महोत्सव के पहले दिन दादी जी की मेहंदी का कार्यक्रम हुआ, जबकि दूसरे दिन भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया. तीसरे और अंतिम दिन सुबह जात पूजा एवं पाठ पूजा के बाद महामंगल पाठ किया गया.
उन्होंने बताया कि रानीगंज का यह मंदिर धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. यह मंदिर झुंझुनूं स्थित दादी जी के महामंदिर का स्वरूप माना जाता है.मान्यता है कि भाद्रपद अमावस्या के दिन झुंझुनूं में दादी जी ने भक्तों को दर्शन दिए थे. इसी मान्यता के आधार पर भाद्रपद अमावस्या को दादी जी की जात लगायी जाती है.देश-विदेश में जहां-जहां दादी जी के मंदिर हैं, वहां इस दिन जात पूजा की परंपरा निभायी जाती है. जिन परिवारों की कुलदेवी दादी जी हैं, वे भी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.
सुषमा जोशी ने बताया कि पूजा के दौरान दादी जी को विशेष रूप से चुनरी, चूड़ा और छप्पन भोग अर्पित किया जाता है. भक्तों में यह मान्यता है कि दादी जी अपने श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं.इसी आस्था के साथ अंतिम दिन आयोजित महामंगल पाठ में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और महोत्सव का समापन किया.


0 टिप्पणियाँ