सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ हुआ पौधरोपण, गौरैया संरक्षण परियोजना की भी दी जानकारी
रानीगंज : सामाजिक संस्था ‘फिरे देखा प्रतीति’ के तीसरे वार्षिकोत्सव के अवसर पर एनएसबी रोड स्थित एक होटल में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान नृत्य और संगीत की विभिन्न प्रस्तुतियां हुईं.संस्था की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया.
इस अवसर पर संस्था से जुड़े चिकित्सक शुभ्रांशु सामंत ने कहा कि एनजीओ की स्थापना के बाद यह तीसरा वर्ष है और संस्था का तीसरा वार्षिकोत्सव मनाया जा रहा है.उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक संस्था के लिए शुरुआती तीन वर्ष बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. संस्था के गठन के बाद विभिन्न सामाजिक कार्यों के माध्यम से उसके विस्तार की प्रक्रिया में कई चुनौतियां आयीं, जिन्हें पार करते हुए संस्था ने आगे बढ़ने का प्रयास किया है.
उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से ऐसे कार्यक्रम तैयार किये जा रहे हैं, जिनका प्रभाव दीर्घकालिक हो और रानीगंज तथा आसपास के क्षेत्रों में स्थायी बदलाव लाया जा सके. इसी उद्देश्य के तहत कार्यक्रम में एक वीडियो क्लिप के माध्यम से गौरैया (हाउस स्पैरो) संरक्षण परियोजना की जानकारी दी गयी.
डॉ. सामंत ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में गौरैया की संख्या लगातार कम होती जा रही है. इनके भोजन और प्राकृतिक आवास की कमी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं.इसे ध्यान में रखते हुए संस्था ने एक निश्चित क्षेत्र में गौरैया के प्रजनन को बढ़ावा देने और उन्हें दोबारा उनके प्राकृतिक आवास में लौटाने के उद्देश्य से परियोजना शुरू की है.
उन्होंने बताया कि इस परियोजना को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से भी चर्चा की गयी है. उन्होंने दावा किया कि देश में इस तरह का प्रयास पहले नहीं किया गया है और इस पहल में संस्था पथप्रदर्शक की भूमिका निभा रही है. यदि परियोजना सफल होती है, तो यह अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है.
डॉ. सामंत ने कहा कि आने वाले वर्षों में संस्था का मुख्य फोकस हरियाली, पर्यावरण स्वास्थ्य और सामाजिक स्वास्थ्य पर रहेगा. इसके साथ ही समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों के जीवन और आजीविका को बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य किया जायेगा.




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