रानीगंज-लायंस आर.एल.जे. डी.एम. चनानी डीएवी पब्लिक स्कूल, रानीगंज में मंगलवार को वार्षिक सम्मान समारोह 'इंसपिरियोन-2026' का आयोजन किया गया. विद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की माध्यमिक (कक्षा 10) एवं उच्च माध्यमिक (कक्षा 12) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया. विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ उनके अभिभावकों के योगदान को भी सम्मान देकर शिक्षा के प्रति साझा जिम्मेदारी का संदेश दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक परंपरा के अनुसार गायत्री मंत्र के जाप एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई. इसके बाद विद्यालय के विद्यार्थियों ने डीएवी गान प्रस्तुत किया.सामूहिक गीत एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को आकर्षक बना दिया. विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों की खूब सराहना बटोरी.
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में काजी नजरूल विश्वविद्यालय, आसनसोल के कुलपति प्रो. (डॉ.) उदय बंदोपाध्याय उपस्थित थे. विशिष्ट अतिथि के रूप में टीडीबी कॉलेज, रानीगंज एवं चंदननगर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. (डॉ.) नीपंकर हाजरा मौजूद रहे. कार्यक्रम में डीएवी संस्थान पश्चिम बंगाल क्षेत्र की क्षेत्रीय अधिकारी एवं एलएमसी की प्रबंधक पापिया मुखर्जी शामिल हुईं और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया.
इस अवसर पर विद्यालय की स्थानीय प्रबंधन समिति (एलएमसी) के अध्यक्ष लायन सपन लोयलका, लायन स्कूल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुशील कुमार गनेड़ीवाला, ट्रस्ट एवं एलएमसी के अन्य सदस्य, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य-प्राचार्याएं, लायन क्लब के सदस्य तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे. विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंदिरा दे ने सभी अतिथियों का स्वागत किया.
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10 एवं 12 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. इसके अलावा विभिन्न विषयों में 100 प्रतिशत अंक तथा 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया.विद्यालय प्रबंधन ने इन विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी सम्मानित कर उनकी भूमिका की सराहना की.
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) उदय बंदोपाध्याय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि अच्छे स्वास्थ्य, अनुशासन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक सोच से ही जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त की जा सकती है.उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को आनंदपूर्वक शिक्षा ग्रहण करने का संदेश दिया और कठिन परिश्रम एवं समर्पण को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं तथा उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता का श्रेय उनके अभिभावकों, शिक्षकों तथा विद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग को भी दिया.
विद्यालय की प्राचार्या मंदिरा दे ने अपने संबोधन में कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से विद्यालय का नाम रोशन किया है, उनका सम्मान होना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके अभिभावकों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है, इसलिए दोनों का सम्मान समान रूप से जरूरी है.उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका अनुशासन, परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.साथ ही उन्होंने भविष्य में भी ऐसे सम्मान समारोह आयोजित करने की बात कही.
समारोह के अंत में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक ने धन्यवाद ज्ञापन किया. राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.





0 टिप्पणियाँ