- ₹10,000 करोड़ से होगा एकीकृत इस्पात संयंत्र का विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़कर होगी 3.5 MTPA
- रणनीतिक क्षेत्रों में अतिरिक्त ₹5,000 करोड़ का निवेश, 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद
- मुख्यमंत्री का पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा प्रहार— 34 साल की बंद-हड़ताल की राजनीति और फिर राज्य को बांग्लादेश बनाने की साजिश से बंगाल को जनता ने बचाया
रानीगंज/बांकुड़ा राढ़ बंगाल के औद्योगिक इतिहास में शुक्रवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया. बांकुड़ा जिले के मेजिया में औद्योगीकरण को एक नई और अभूतपूर्व गति देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने श्याम स्टील ग्रुप की ओर से प्रस्तावित 2 एमटीपीए क्षमता वाले एकीकृत इस्पात संयंत्र के मेगा विस्तार परियोजना का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया.
करीब ₹10,000 करोड़ की लागत से बनने वाली इस विस्तार परियोजना के पूरा होने के बाद संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 3.5 एमटीपीए हो जाएगी. इसके साथ ही समूह ने रक्षा विनिर्माण, विमानन, रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, केमिकल और पेंट्स जैसे विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में अतिरिक्त ₹5,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है. इस तरह कुल ₹15,000 करोड़ के महा-निवेश से राज्य में 20 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है.
लालफीताशाही, सिंडिकेट राज और जबरन वसूली अब बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने निवेशकों को सुरक्षा और सहयोग का पूरा भरोसा दिया. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कीपश्चिम बंगाल में लालफीताशाही, स्थानीय स्तर पर उत्पीड़न, सिंडिकेट राज और वसूली की संस्कृति अब पूरी तरह समाप्त हो चुकी है. किसी भी स्तर पर कटमनी या जबरन वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि वर्तमान सरकार नहीं होती, तो कई कंपनियां यहां से पलायन कर ओडिशा चली जातीं. अब यदि कोई भी उद्योग बंद कराने या तालाबंदी की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानून का सबसे कड़ा चाबुक चलेगा. गुंडागर्दी और तोड़फोड़ को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
'बांग्लादेश' बनाने की साजिश से जनता ने राज्य को बचाया
मुख्यमंत्री ने वाममोर्चा और उसके बाद की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि वामफ्रंट के 34 वर्षों में 'दुनिया के मजदूर एक हो' के नारे के साथ जिस बंगाल को डॉ. विधानचंद्र रॉय ने अपने हाथों से संवारा था, उसे सिर्फ बंद और हड़ताल की राजनीति ने उजाड़ दिया. उन्होंने आगे कहा, "इसके बाद जो 15 वर्षों की सरकार आई, वह तो इस राज्य को बांग्लादेश ही बनाना चाह रही थी, लेकिन मैं यहां की जागरूक जनता को धन्यवाद देना चाहूंगा जिसने बंगाल को बचा लिया.अब राज्य में भयमुक्त और विश्वास का माहौल है.
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को इस अत्याधुनिक संयंत्र का दौरा करने का खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि मारवाड़ी और हिंदीभाषी समुदाय को "बाहरी" कहना बंद होना चाहिए, क्योंकि यही लोग राज्य के विकास की रीढ़ हैं और निवेश ला रहे हैं.
निवेश का नया रोडमैप: सिंगल विंडो क्लीयरेंस और डायरेक्ट अप्रूवल
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब राज्य में निवेशकों को किसी दलाल, माफिया या बिचौलिए के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी. ₹100 करोड़ से अधिक के निवेश वाली सभी बड़ी परियोजनाओं को राज्य सरकार के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के माध्यम से सीधे (डायरेक्ट) मंजूरी मिलेगी।).
दुर्गापुर में भी जल्द ही ₹4 हजार करोड़ की एक नई औद्योगिक परियोजना आने वाली है.अडानी समूह राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में हजारों बेड वाले आधुनिक अस्पताल स्थापित करने जा रहा है.मुख्यमंत्री ने संयंत्र में काम करने वाले श्रमिकों को "विश्वकर्मा" कहकर संबोधित किया और कहा कि हमारा उद्देश्य युवाओं के दूसरे राज्यों में होने वाले पलायन को रोकना है.
'मैं स्टार्टअप मंत्री हूं, काम में यकीन रखता हूं' : तापस रॉय
समारोह में पहुंचे राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस रॉय ने पूर्ववर्ती सरकार के उद्योग सम्मेलनों को केवल 'दिखावा' और 'फोटोग्राफी इवेंट' करार दिया. उन्होंने कहा की मैं स्टार्टअप मंत्री हूं. हमारी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि निवेश को जमीन पर उतारने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है. अब बंगाल में निवेश के अनुकूल पारदर्शी माहौल है और सरकार उद्योगपतियों को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग दे रही है.
रेल फाटक हादसों के लिए पूर्व सरकार का असहयोग जिम्मेदार: अग्निमित्रा पाल
समारोह के दौरान नगर निगम एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने क्षेत्र में हुए रेल हादसों को लेकर पूर्ववर्ती सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने रेलवे को आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं कराई, जिसके कारण ओवरब्रिज का निर्माण समय पर नहीं हो सका. अगर जमीन मिल जाती तो इन हादसों को टाला जा सकता था.
मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सुरक्षा और जनसांख्यिकी के मुद्दे पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया, खारिजी मदरसों में भारत विरोधी शिक्षा दी जा रही है. पूर्ववर्ती सरकार ने केवल वोट बैंक के लिए रोहिंग्या घुसपैठियों को शरण दी और उनके अवैध दस्तावेज बनवाए. इसके पीछे बड़ी विदेशी फंडिंग भी शामिल है, लेकिन वर्तमान सरकार बंगाल की धरती पर किसी भी प्रकार की भारत विरोधी गतिविधि या राष्ट्र विरोधी भावना को फलने-फूलने नहीं देगी.
आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती: ललित बेरीवाला
श्याम स्टील ग्रुप के चेयरमैन ललित बेरीवाला ने इस मेगा प्रोजेक्ट को आत्मनिर्भर भारत और विकसित बंगाल के संकल्प को मजबूत करने वाला बताया. उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के गतिशील नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के निरंतर सहयोग के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की.
इस ऐतिहासिक भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री तापस रॉय, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी, पीएचई एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री डॉ. अजय पोद्दार, नगर निगम एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल, आदिवासी विकास मंत्री खुदीराम टुडू, वन विकास मंत्री दिवाकर धरामी, सांसद सौमित्र खान, विधायक चंदना बाउरी सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि मौजूद थे. श्याम स्टील ग्रुप की ओर से केशव बेरीवाला, राघव बेरीवाला, निकुंज बेरीवाला सहित बेरीवाला परिवार के सदस्य और औद्योगिक जगत के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे.



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