रानीगंज -भौगोलिक और यातायात के दृष्टिकोण से पंजाबी मोड़ रानीगंज का हृदय स्थल माना जाता है. आसनसोल से रानीगंज शहर में प्रवेश करने का यह मुख्य मार्ग है. आसनसोल से आने वाली गाड़ियां ओवरब्रिज के नीचे से दाहिनी तरफ मुड़कर शहर में प्रवेश करती हैं. वहीं, आसनसोल जाने वाली गाड़ियां दाहिनी ओर मुड़कर फिर बाईं तरफ निकलती हैं. इसी ओवरब्रिज से होकर गाड़ियां दुर्गापुर और सिउड़ी की तरफ बढ़ती हैं.
इतने महत्वपूर्ण और हर पल व्यस्त रहने वाले जंक्शन पर ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए पुलिस और सिविक वॉलिंटियर्स की तैनाती की गई है, लेकिन विडंबना देखिए कि जिस जगह पर वाहनों का भारी दबाव रहता है, ठीक उसी ओवरब्रिज के नीचे आवारा मवेशियों ने अपना स्थायी ठिकाना बना लिया है.
ड्यूटी के नाम पर गपशप, मवेशियों को हटाने की सुध नहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्रिज के नीचे तैनात सिविक वॉलिंटियर्स और ट्रैफिक पुलिस कर्मी मवेशियों के जमावड़े को मूकदर्शक बनकर देखते रहते हैं. वे आपस में बातचीत और गपशप में तो व्यस्त नजर आते हैं, लेकिन सड़क के बीचों-बीच बैठे इन मवेशियों को वहां से खदेड़ने की जहमत कोई नहीं उठाता. पुलिस की इसी लापरवाही के कारण यह समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है.
दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए सफर बना खौफनाक
पंजाबी मोड़ से नियमित गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि इस चौराहे से पार होना किसी खतरे से खाली नहीं है. खासकर दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को हर वक्त डर सताता रहता है. मवेशियों का कोई भरोसा नहीं होता; वे अचानक उठकर किस तरफ दौड़ लगा दें, कोई नहीं जानता. ऐसे में आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं.
इस अव्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों और राहगीरों में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है क्या? जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता, तब तक ट्रैफिक विभाग की नींद क्यों नहीं टूटती?
स्थानीय जनता ने आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट और प्रशासनिक अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि पंजाबी मोड़ ओवरब्रिज के नीचे मवेशियों के बैठने पर तुरंत पाबंदी लगाई जाए और इन्हें वहां से हटाने के लिए कड़े व स्थायी इंतजाम किए जाएं, ताकि लोग बिना किसी डर के इस व्यस्त मार्ग पर सफर कर सकें.



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