कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार और ट्रैफिक विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मोटर वाहन अधिनियम 2019 के तहत राज्य में नए ट्रैफिक नियम प्रभावी किए गए हैं, जिनके अंतर्गत दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग जुर्माने का प्रावधान किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नए नियमों के अनुसार, हेलमेट नहीं पहनकर दोपहिया वाहन चलाने पर ₹1000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, चारपहिया वाहन चालकों के लिए सीट बेल्ट नहीं लगाने पर ₹1000 का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने की स्थिति में दोपहिया और चारपहिया दोनों वाहन चालकों पर ₹5000 तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा वाहन के जरूरी दस्तावेज जैसे आरसी (RC) नहीं होने पर ₹1000 से ₹5000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
वाहन बीमा (इंश्योरेंस) नहीं होने पर ₹2000 तथा पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं होने पर ₹10,000 तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
ओवरस्पीडिंग को लेकर भी नियम सख्त किए गए हैं। दोपहिया वाहन चालकों को ₹1000 से ₹2000 और चारपहिया वाहन चालकों को ₹2000 से ₹4000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने पर ₹5000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने और नशे की हालत में ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
सबसे कड़ी कार्रवाई नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में की जाएगी। ऐसे मामलों में ₹25,000 तक का जुर्माना, जेल की सजा और वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


0 टिप्पणियाँ