रानीगंज- रांनीगंज के बर्न्स प्लॉट को लेकर आसनसोल रेल डिवीजन के डीआरएम परमानंद शर्मा द्वारा की गई सर्वेक्षण एवं ट्वीट में यहां के निवासियों को अतिक्रमण कारी बताने के पश्चात यहां पर रहने वाले लोगो मे चिंता एवं रोष व्याप्त है. रेलवे के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए स्थानीय निवासियों ने "बर्न एंड कंपनी लिमिटेड लैंड बायर एंड रेसिडेंटस एसोसिएशन नामक एक संगठन बनाये है,जिसके बैनर तले यहां के दुकान,घर के मालिक अपने संपति की रक्षा की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है. मंगलवार की सन्ध्या इस बैनर के नीचे यहाँ के निवासी एक जुट होकर अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए रांनीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स से गुहार लगाए .ललित खैतान, ओम केजरीवाल,रमेश खंडेलवाल,खेमचंद बंसल,सुजीत अग्रवाल आदि ने प्रदर्शन करते हुए चैम्बर के अध्यक्ष अरुण भरतिया, एवं चैयरमेन प्रदीप बाजोरिया को ज्ञापन सौंपा.ललित खैतान ने कहा कि वर्ष 1972 से वह लोग इस जमीन को बर्न स्टेन्डर्ड कंपनी से खरीदा था,सभी के पास जमीन की दलील है,बीएल एंड एल आर ओ से म्युटेशन अलोएड के आदेश भी है,जमीन का खजाना देकर नगर पालिका से नक्शा पास करवा कर यहां दुकान मकान बनाए हैं,आज 50 वर्षो के पश्चात रेलवे हमलोगों की जमीन को अपना बताकर हमे अतिक्रमण कारी कह रहे है,जो न्यायसंगत नहीं है,हमलोग अपनी जमीन घर दुकान की रक्षा के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे,अपने घर प्रतिष्ठान के रक्षा के लिए रानीगंज चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्लेटफार्म से गुहार लगा रहें है कि इस आंदोलन में हमारा साथ दे,क्योकि यहां सैकेडो लोगो के जिंदगी एवं रोजी रोटी का सवाल है,उनका कहना है कि जब हमलोगों ने बर्न कंपनी के इसके राष्ट्रीयकरण से पहले जमीन खरीदा है,तो हमे अतिक्रमण क्यों बताया जा रहा है.चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण भरतिया एवं चैयरमेन प्रदीप बाजोरिया ने उन्हें चैंबर ऑफ कॉमर्स से हरसम्भव मदद करने का आश्वाशन दिया.ज्ञात हो कि रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यालय भी इसी बर्न्स प्लाट में अवस्थित है.


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