वोट का अधिकार वापस देने और श्रम कोड रद्द करने की भी उठी मांग
बांकुड़ा, 3 अक्टूबर: कथित तौर पर चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर कर करोड़ों लोगों के मताधिकार का हनन करने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और सभी वैध मतदाताओं का मताधिकार वापस करने की मांग को लेकर शनिवार को बांकुड़ा में मुटिया मजदूरों ने प्रदर्शन किया। बांकुड़ा जिला मुटिया मजदूर यूनियन (सीटू) के आह्वान पर आयोजित जुलूस और सभा में ढाई सौ से अधिक मजदूर शामिल हुए। इस दौरान कॉरपोरेट हित में लागू किये गये श्रम कोड को रद्द करने समेत मजदूरों से जुड़ी अन्य मांगें भी उठायी गयीं।
जुलूस में “चुनावी प्रक्रिया में हेरफेर में शामिल ज्ञानेश कुमार को हटाना होगा”, “रद्द किये गये सभी वैध मतदाताओं का मताधिकार तत्काल वापस करो”, “एसआइआर प्रक्रिया तत्काल बंद करो” और “ज्ञानेश कुमार-भाजपा गठजोड़ मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाये गये। जुलूस में विभिन्न वामपंथी श्रमिक संगठनों के नेता भी शामिल हुए। स्टेशन रोड, नूतनगंज, सिनेमा रोड और कमारार मैदान की परिक्रमा करते हुए जुलूस रेलवे गुड्स शेड के सामने पहुंचकर समाप्त हुआ।
इसके बाद गुड्स शेड के सामने यूनियन के जिला सचिव तपन दास की अध्यक्षता में सभा हुई। सभा को बाबलू बनर्जी (एआइसीसीटीयू), संजू बराट (एआइटीयूसी), विश्वजीत सिन्हा (टीयूसीसी), सुनील पात्र (यूटीयूसी) और प्रतीप मुखर्जी (सीटू) ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रचार के माध्यम से लोगों को भ्रमित करते हुए राज्य की मतदाता सूची से एक करोड़ रोहिंग्याओं के नाम हटाने और बांग्लादेश से आये लाखों घुसपैठियों को वापस भेजने की बात कही थी। लेकिन एसआइआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूची में एक भी रोहिंग्या नहीं मिला। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसआइआर के दौरान पहले करीब 91 लाख मतदाताओं को चिह्नित किया गया था, जिनमें बड़ी संख्या बहुसंख्यक समुदाय के लोगों की थी। वहीं, जिन लाखों मतदाताओं के नाम रद्द किये गये या एडजुडिकेशन के जरिए मताधिकार प्रभावित हुआ, उनमें बड़ी संख्या अनुसूचित जाति, आदिवासी और समाज के वंचित वर्गों के लोगों की है।
वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के हित में काम करने का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने के साथ गिरफ्तार कर उचित सजा देने की मांग की। साथ ही 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित व्यवस्था में किये गये बदलाव को रद्द कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की गयी। सभा में देशभर में इन मुद्दों को लेकर इंडिया गठबंधन और भाजपा विरोधी दलों के साथ युवा पीढ़ी की ओर से चलाये जा रहे आंदोलनों के प्रति समर्थन भी जताया गया।
कार्यक्रम में भास्कर सिंह (एआइटीयूसी), सोहराब मंडल, छोटू दलाल, बरकत अली खान (कालू), विमल माल समेत मुटिया यूनियन के अन्य नेता मौजूद थे।


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