प्रतिध्वनि फाउंडेशन के आसनसोल संगीत सम्मेलन का भव्य आगाज, शास्त्रीय संगीत की महफिल में जुटे कलाकार
कृष्णेंदु मुखर्जी ने दीप प्रज्वलित कर किया उद्घाटन, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कहा- शास्त्रीय संगीत के लिए मशहूर रहा आसनसोल-बर्नपुर
आसनसोल, 2 अक्टूबर: प्रतिध्वनि फाउंडेशन का आसनसोल संगीत सम्मेलन इस वर्ष अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर गया। शुक्रवार शाम आसनसोल के रवींद्र भवन में शास्त्रीय संगीत का भव्य आयोजन किया गया।
शाम करीब पांच बजे दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन आसनसोल उत्तर विधानसभा के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने किया। इस मौके पर संगीत कलाकार बर्णाली चट्टोपाध्याय, प्रतिध्वनि फाउंडेशन की सचिव पौलोमी कवि, अध्यक्ष राज भट्टाचार्य, उपाध्यक्ष सुमन भट्टाचार्य, श्राबणी बंद्योपाध्याय, रविशंकर चौबे, शुभाशीष मुखर्जी, अस्मिता भट्टाचार्य और इमान मुखर्जी सहित कई लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम से पहले संगठन की ओर से रवींद्र भवन परिसर में विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद आयोजकों की ओर से विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी को सम्मानित किया गया।
विधायक ने इस तरह के शास्त्रीय संगीत सम्मेलन के आयोजन के लिए प्रतिध्वनि फाउंडेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई संगठन इस तरह के संगीत कार्यक्रम आयोजित करने का साहस नहीं कर पाते। ऐसे में प्रतिध्वनि फाउंडेशन की यह पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने 'सबुज आसनसोल' के संदेश और बेनसन सोलर को साथ लेकर किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
इसके बाद कार्यक्रम के मंच पर राज्य की पुर एवं नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल का स्वागत किया गया। पहले बेनसन सोलर के प्रतिनिधियों ने मंत्री को सम्मानित किया। इसके बाद प्रतिध्वनि फाउंडेशन की ओर से राज भट्टाचार्य और सुमन भट्टाचार्य ने उन्हें स्मारक भेंट किया।
अपने संबोधन में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि आसनसोल और बर्नपुर शास्त्रीय संगीत के लिए पूरे बंगाल में प्रसिद्ध रहे हैं। उन्होंने बर्नपुर के भारती भवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं बचपन में वहां कई कार्यक्रम देखे हैं। उन्होंने कहा कि जब प्रतिध्वनि फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने उन्हें इस सम्मेलन के बारे में बताया, तभी उन्होंने कार्यक्रम में आने की बात कही थी।
मंत्री ने कहा कि शास्त्रीय संगीत की साधना में चार वर्षों के संघर्ष और उतार-चढ़ाव के बाद आसनसोल संगीत सम्मेलन का पांचवें वर्ष में पहुंचना अपने आप में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
अग्निमित्रा पाल ने यह भी बताया कि रवींद्र भवन के पास स्थित विद्यासागर आर्ट गैलरी को आसनसोल नगर निगम की ओर से नए रूप में तैयार किया जा रहा है। इसका उद्घाटन आगामी 4 अक्टूबर को किया जाएगा।
इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका के कवर का अनावरण सुरंजना मुखर्जी ने किया। वहीं अभिजीत राय, बर्णाली चट्टोपाध्याय सहित कई लोगों को प्रतिध्वनि फाउंडेशन की ओर से सम्मानित किया गया।
इस वर्ष के आसनसोल संगीत सम्मेलन में तीन चरणों में कोलकाता और मुंबई के नौ कलाकारों ने हिस्सा लिया। गायन के साथ संतूर, सितार और तबले की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन अलग-अलग चरणों में मल्लिका गांगुली और अभिजीत चंद ने किया।
प्रतिध्वनि फाउंडेशन की सचिव पौलोमी कवि ने कहा कि इस वर्ष आसनसोल के लोगों के लिए एक अलग सोच और नई योजना के साथ संगीत सम्मेलन आयोजित करने का प्रयास किया गया है।

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