मालदा: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के मानिकचक स्थित मथुरापुर के बाजारपाड़ा में विजयादशमी के अवसर पर करीब 300 साल पुरानी परंपरा निभाई गई। यहां मां दुर्गा की तीनों बहनों की एक साथ पूजा की जाती है और विदाई के समय भी तीनों को एक साथ विदा किया जाता है।
स्थानीय परंपरा के अनुसार, षष्ठी से दशमी तक मां दुर्गा की तीनों बहनों की पूजा एक ही रीति-रिवाज से की जाती है। विजयादशमी के दिन विदाई की बेला में स्थानीय कहार और धोबी समुदाय के लोग अपने कंधों पर प्रतिमाओं को उठाकर मंदिर परिसर से संकरटोला घाट तक ले जाते हैं।
करीब तीन शताब्दियों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा को देखने के लिए स्थानीय लोगों में खास उत्साह रहता है। परंपरा के अनुसार, तीनों बहनों की एक साथ विदाई इस पूजा की सबसे खास विशेषता है।
इस तरह मथुरापुर के बाजारपाड़ा में एक बार फिर सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

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