बेलूर (हावड़ा): गंगा के तट पर स्थित प्रसिद्ध बेलूर मठ की दुर्गापूजा ने इस वर्ष अपनी स्थापना के 125 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक दुर्गापूजा की शुरुआत साल 1901 में स्वामी विवेकानंद की विशेष पहल पर हुई थी।
बेलूर मठ के इतिहास के अनुसार, पहली दुर्गापूजा 18 अक्टूबर 1901 को महाषष्ठी के पवित्र दिन पर आयोजित की गई थी। तब से लेकर आज तक यह परंपरा बिना किसी बाधा के लगातार चली आ रही है। स्वामी विवेकानंद द्वारा शुरू की गई इस पारंपरिक पूजा की महिमा निराली है, और यहां हर साल होने वाली विशेष 'कुमारी पूजा' को देखने के लिए देश-विदेश से लाखों भक्तों का तांता लगता है। मठ की यह प्राचीन और आध्यात्मिक परंपरा आज भी बंगाल की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का एक अहम हिस्सा बनी हुई है।

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