आईएमए अध्यक्ष ने जतायी चिंता, बोले- कूड़े के ढेर पर पनप रही विशेष मक्खियां स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
रानीगंज : कहा गया है कि दीपक तले अंधेरा,इस बात को चरितार्थ कर रही रानीगंज के सबसे पाश इलाके के रूप में जाने जाने वाले डॉक्टर्स कॉलोनी उर्फ रामबगान कि ,यहां पर शहर के अधिकांश डॉक्टरों तथा शहर के अधिकांश रसूख वाले व्यक्तियों का यहां निवास स्थान है,उनके चैम्बर है,जहां स्वास्थ और साफ सफाई की बात कही जाती है,पर शहर के सबसे व्यस्त और प्रमुख इलाकों में शामिल यह रामबागान मोड़ पर खुले डस्टबिन से सड़क पर फैल रहे कचरे और उससे उठ रही दुर्गंध को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. लंबे समय से बनी इस समस्या के कारण आम लोगों के साथ मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.कूड़े के ढेर पर एक विशेष प्रकार की मक्खियों का प्रकोप बढ़ने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी जताया जा रहा है.
इस कचरे ख़ाना के सामने चैम्बर करने वाले इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) रानीगंज शाखा के अध्यक्ष डॉ. अनिर्बाण घोष का कहना है कि रामबागान मोड़ रानीगंज का सबसे व्यस्त इलाका है.यहां बड़ी संख्या में डॉक्टर मरीजों को देखते हैं और कई अस्पताल व चिकित्सा केंद्र हैं.सुबह से शाम तक सैकड़ों मरीजों का आना-जाना लगा रहता है. इसके बावजूद यहां वर्षों से विशाल ओपन कचरा खाना की समस्या बनी हुई है.
उन्होंने कहा कि पिछले सरकार के समय से ही इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की गयी, लेकिन समाधान नहीं हुआ.ओपेन वैट से कचरा और दुर्गंध बाहर निकलकर सड़क पर फैलता है. मवेशी और आवारा पशु भी कूड़े में मुंह मारते हैं. डॉ. घोष के अनुसार, यहां मौजूद फल-सब्जियों के कचरे से पनपने वाली विशेष प्रकार की मक्खियां यहां बड़ी संख्या में दिखाई दे रही हैं. इससे संक्रमण फैलने का खतरा है.बारिश होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा कचरा सड़क पर फैल जाता है.
स्थानीय निवासी आलोक बरन चक्रवर्ती ने कहा कि यह रोज का नजारा है. नगर निगम को शिकायत करते-करते लोग थक चुके हैं. उन्होंने कहा कि रानीगंज के इस संभ्रांत इलाके की गलियों की स्थिति देखकर समझना मुश्किल है कि यह टाउन है या झुग्गी बस्ती. रोज सैकड़ों मरीज यहां आते हैं, इसलिए संक्रमण का खतरा गंभीर है.
उन्होंने प्रशासन से कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर सफाई व्यवस्था लागू करने की अपील की. स्थानीय निवासी मीरा केडिया ने भी गंदगी और बीमारी के खतरे को लेकर नाराजगी जतायी. डॉ. घोष ने नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल से वर्षों पुरानी ओपन वैट की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की. उन्होंने उम्मीद जतायी कि सक्रिय नई सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठायेगी.स्थानीय कुछ लोगो से बात करने पर उनका यह भी कहना है कि यहां पर फल, सब्जी, मटन,चिकन,मछली की दुकान लगाने वाले क्या अपने निजी ख़र्चे से इस गन्दगी को साफ नहीं करवा पाते है,जबकिं वह लोग रोजाना यहां से मोटी आर्थिक राशि अर्जन करते है,क्या उनकी नैतिक दायित्व नहीं बनती है कि वह इस स्थान को साफ रखें, जबकि यहां से उनका रोजी रोटी चलती है, वही लोगों का यह भी कहना है शहरी एवं विकास मंत्री अग्निमित्र पाल ने तो लोगों के थूकने और गंदगी फैलाने पर जुर्माना लगाने का कानून लागू किया है, तो क्या इस स्थान पर यह कानून लागू नहीं हो पाएगी .



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