जामुड़िया : निम्न दबाव के कारण रातभर हुई मूसलधार बारिश ने एक गरीब परिवार से उसका आशियाना छीन लिया. लगातार बारिश से टाली की छत वाला मिट्टी का मकान अचानक ढह गया.घर के मलबे में परिवार की जिंदगी भर की जमा-पूंजी भी दब गयी. अब आठ माह की गर्भवती पत्नी, बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चे के साथ अभय बाउरी का परिवार स्थानीय क्लब भवन में शरण लेने को मजबूर है.घटना जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के बहादुरपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत बाउरी पाड़ा की है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अभय बाउरी लंबे समय से अपने परिवार के साथ जर्जर मिट्टी के मकान में रह रहे थे.लगातार बारिश के कारण मकान की दीवारें कमजोर हो गयी थीं. बुधवार को अचानक मकान का एक हिस्सा ढह गया और देखते ही देखते पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया.गनीमत रही कि समय रहते परिवार के सदस्य बाहर निकल गये, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
आवास नहीं मिलने को लेकर लगाया राजनीतिक भेदभाव का आरोप
अभय बाउरी का आरोप है कि उन्होंने सरकारी आवास के लिए कई बार तृणमूल नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें आवास नहीं मिला. उनका दावा है कि भाजपा समर्थक होने के कारण उन्हें योजना से वंचित किया गया। उन्होंने कहा कि एक बार उनकी पत्नी के नाम पर आवास स्वीकृत हुआ था, लेकिन कथित रूप से राजनीतिक प्रभाव के कारण सूची से नाम हटा दिया गया. बारिश के बावजूद उन्हें सरकारी स्तर से तिरपाल तक नहीं मिलने की बात उन्होंने कही.
भाजपा ने मदद का दिया भरोसा
सूचना मिलने पर स्थानीय भाजपा नेता मौके पर पहुंचे. बहादुरपुर के शक्ति केंद्र प्रमुख राहुल धीबर ने तृणमूल पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबों के लिए योजनाओं के दावे की वास्तविक तस्वीर यहां दिखाई दे रही है.उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता और पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास का आश्वासन दिया.


0 टिप्पणियाँ