रानीगंज- प्रख्यात कवि, अध्यापक ,साहित्यकार एवं रानीगंज की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने वाले दिवंगत साहित्यकार डॉ. राम दुलाल बसु की 95वीं जयंती मंगलवार को रानीगंज स्थित शैलजानंद स्मृति से जुड़े बंगभवन स्कूल परिसर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई. कार्यक्रम में शहर के अनेक कवि, साहित्यकार, शिक्षक एवं बुद्धिजीवी शामिल हुए और डॉ. बसु के साहित्यिक योगदान तथा रानीगंज के प्रति उनके समर्पण को याद किया.
इस आयोजन की पहल 'नेताजी सुभाष स्वदेश भावना' के सचिव गोपाल आचार्य ने की. उन्होंने कहा कि डॉ. राम दुलाल बसु ने अपनी कविताओं, साहित्य और लेखनी के माध्यम से रानीगंज के इतिहास, संस्कृति और गौरव को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया.उन्होंने जीवनभर रानीगंज की पहचान और विरासत को बचाए रखने का प्रयास किया.
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बसु के निधन से रानीगंज के साहित्यिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है. शहर के साहित्य प्रेमियों के बीच उनकी स्मृतियां आज भी जीवंत हैं. इसी उद्देश्य से उनकी जयंती पर स्मरण सभा का आयोजन कर नई पीढ़ी को उनके साहित्य और विचारों से परिचित कराने का प्रयास किया गया.
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यकारों और शिक्षकों ने डॉ. राम दुलाल बसु के साहित्यिक अवदान, रानीगंज के इतिहास के संरक्षण में उनकी भूमिका तथा शहर के प्रति उनके गहरे प्रेम पर विस्तार से प्रकाश डाला. वक्ताओं ने कहा कि उनके लेखन में रानीगंज की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जीवंत चित्रण मिलता है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है.
कार्यक्रम में विशिष्ट कवि एवं साहित्यकार गुणमय फौजदार, दुर्गापुर गर्ल्स कॉलेज की अध्यापिका जयंती साहा रॉय, गौतम घटक, बासुदेव मंडल चट्टोपाध्याय सहित अनेक साहित्यकार, शिक्षक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.सभी ने डॉ. राम दुलाल बसु को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहित्यिक आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.


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