जामुड़िया - श्रमिकों की मेहनत से कारखाने का उत्पादन बढ़ रहा है, लेकिन क्या उन्हें उनका जायज अधिकार मिल रहा है? वेतन वृद्धि, अस्थायी श्रमिकों को स्थायी करने और निर्धारित आठ घंटे के बजाय 12 घंटे काम कराने के आरोपों को लेकर जामुड़िया औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्प्रिंटिज ट्यूब प्राइवेट लिमिटेड कारखाने के गेट पर सीटू की ओर से गेट मीटिंग आयोजित कर विरोध जताया गया.
सीटू नेता मनोज दत्त्ता का आरोप है कि लंबे समय से कारखाने में काम करने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रमिकों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है. निर्धारित कार्य अवधि से अधिक काम कराने के बावजूद उसके अनुरूप श्रमिकों को उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं.संगठन ने ठेकेदारों के माध्यम से कारखाने के अंदर कथित रूप से सिंडिकेट चलाये जाने का भी आरोप लगाया.
सीटू नेता हेमंत प्रभाकर का दावा है कि यदि कोई श्रमिक इन व्यवस्थाओं का विरोध करता है, तो उसे काम से हटाने की धमकी दी जाती है.गेट मीटिंग के दौरान सीटू नेताओं ने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों को डराकर, दबाव बनाकर या नौकरी जाने का भय दिखाकर उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता.
सीटू ने श्रमिकों के लिए उचित वेतन, अस्थायी श्रमिकों के स्थायीकरण और निर्धारित आठ घंटे की कार्य अवधि की मांग की.संगठन ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जायेगा.
सीटू नेताओं ने कहा कि गेट मीटिंग आंदोलन का अंतिम चरण नहीं है.श्रमिकों की मांगों को लेकर प्रबंधन ने जल्द बातचीत नहीं की, तो आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की राह अपनायी जा सकती है.
इधर, लगाए गये आरोपों को लेकर कारखाना प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका. इस कारण प्रबंधन की प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है.
अब देखना यह है कि श्रमिकों की मांगों पर कारखाना प्रबंधन क्या कदम उठाता है और क्या बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकलता है या फिर आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज होता है.


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