रिकॉर्डेड तालाबों और आदिवासी भूमि पर अतिक्रमण का मामला, बोले— किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी अवैध भराई
रानीगंज- रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के 33 नंबर वार्ड के जीराडांगा इलाके में कथित रूप से रिकॉर्डेड तालाब और आदिवासी समाज के नाम दर्ज भूमि पर अवैध भराई एवं अतिक्रमण की शिकायत सामने आने के बाद मंगलवार देर रात विधायक पार्थ घोष स्वयं मौके पर पहुंचे.उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ स्थल का निरीक्षण किया, स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जीराडांगा क्षेत्र में बीएलआरओ में दर्ज तालाब को भरे जाने तथा आदिवासी समाज के नाम दर्ज भूमि पर कब्जे की कोशिश किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक पार्थ घोष अपने कार्यालय से सीधे मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया.
रात के समय निरीक्षण के दौरान कथित रूप से तालाब भरने और जमीन की भराई का कार्य देख विधायक ने नाराजगी जताई. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के सभी रिकॉर्डेड तालाब, जलाशय और सरकारी अभिलेखों में दर्ज जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा इनके अस्तित्व से किसी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं होगा.
विधायक पार्थ घोष ने कहा, "रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार का गैर-कानूनी कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा.रिकॉर्डेड तालाबों और जलाशयों को भरने या उन पर अवैध निर्माण करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी, जो भी व्यक्ति या संस्था इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल होगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि जलाशय केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन, भूजल स्तर बनाए रखने तथा स्थानीय लोगों के हितों से भी सीधे जुड़े हुए हैं.ऐसे में तालाबों को भरना जनहित के खिलाफ है और इसे रोकना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.
निरीक्षण के दौरान विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की तथा शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने कहा कि यदि किसी ने नियमों की अनदेखी कर तालाबों या आदिवासी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की है तो उसे किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा.
पार्थ घोष ने बताया कि उन्होंने रानीगंज के ऐतिहासिक राजा बांध तालाब का भी बीते दिन निरीक्षण किया है, वहां भी कथित रूप से अतिक्रमण और भराव की शिकायतें मिली हैं. उस मामले की भी जांच कराई जा रही है और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के आदिवासी समाज के नाम दर्ज भूमि का हस्तांतरण अथवा उस पर कब्जा करना कानून के दायरे में गंभीर मामला है,वहीं रिकॉर्डेड तालाबों को भरना विभिन्न भूमि एवं पर्यावरण संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन माना जाता है.ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.
विधायक के औचक निरीक्षण और कड़े रुख के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है. स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई तो अवैध अतिक्रमण और तालाब भरने की घटनाओं पर रोक लग सकेगी. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है.

0 टिप्पणियाँ