कोलकाता (पीबी टीवी) राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कड़ी चेतावनी के बाद जादवपुर विश्वविद्यालय में विवादित दीवार लेखन (वॉल राइटिंग) को हटाए जाने को लेकर राज्य की राजनीति में नया बवंडर खड़ा हो गया है। एसएफआई के कड़े विरोध के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन अपने फैसले पर कायम है。कुछ दिन पहले एक राजनीतिक कार्यक्रम में कड़ा संदेश देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि तृणमूल को लोकतांत्रिक तरीके से पूरी तरह खत्म करना और सीपीएम को दोबारा सिर न उठाने देना ही उनका मुख्य लक्ष्य है। उनके इस कड़े रुख के तुरंत बाद जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर मौजूद कई विवादित दीवारों को अधिकारियों द्वारा मिटा दिया गया।विश्वविद्यालय के इस कदम की कड़ी आलोचना करते हुए छात्र संगठन एसएफआई ने आरोप लगाया है कि प्रशासन परिसर के लोकतांत्रिक माहौल और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल रहा है। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्राधिकरण का कहना है कि परिसर में किसी भी तरह के विवादित या भड़काऊ दीवार लेखन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों के तहत ऐसे लेखनों को हटाया गया है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है।

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