रानीगंज: जादवपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी और भाजपा समर्थित उपद्रवियों द्वारा कथित हमले के विरोध में सोमवार को रानीगंज में वाम छात्र, युवा और महिला संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। एसएफआई, डीवाईएफआई और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की ओर से संयुक्त रूप से रानीगंज नेताजी प्रतिमा के समक्ष विरोध सभा आयोजित की गयी।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र नेता सुकांत चटर्जी और चंडीदास गोस्वामी, महिला नेत्री सर्वाणी लाहा तथा युवा नेता गौरव धल्ल ने घटना की निंदा की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण में शिक्षा के क्षेत्र का भगवाकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय में जिस तरह की हिंसक और अभूतपूर्व घटना हुई है, उसकी जितनी निंदा की जाये कम है।
वक्ताओं ने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि घटना के बाद भी पुलिस और प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहुबल के सहारे शिक्षण संस्थानों पर कब्जा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
विरोध सभा के दौरान संगठनों के नेताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की हिंसा और राजनीतिक दबदबे का विरोध किया जायेगा। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े लोगों से जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना के खिलाफ आवाज उठाने और आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।



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