हालिशहर : हालिशहर में एक कार्यक्रम में शामिल होने गईं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अभूतपूर्व और उग्र विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। इलाके का दौरा करने के दौरान उन्हें स्थानीय लोगों और प्रदर्शनकारियों के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, वे जैसे ही गाड़ी के पास पहुंचीं, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
गाड़ी पर जूते फेंके गए और लगे 'चोर' के नारे
घटना के दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने मुख्यमंत्री के काफिले को घेर लिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। आरोप है कि उनकी की गाड़ी को निशाना बनाकर चप्पल और जूते फेंके गए। इसके साथ ही उग्र भीड़ ने 'डाकू रानी' और 'चोर-चोर' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस अचानक हुए घटनाक्रम से मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। विशाल पुलिस बल और आरएएफ (RAF) ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित कर मुख्यमंत्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
'जान से मारने की गहरी साजिश': कल्याण बनर्जी का विस्फोटक बयान
इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में भारी आक्रोश और हलचल देखी जा रही है। श्रीरामपुर से टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोला है।
कल्याण बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "यह कोई सामान्य राजनीतिक विरोध प्रदर्शन नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक रूप से सामना करने में असमर्थ होने के बाद यह उन्हें जान से मारने की एक गहरी और नापाक साजिश है। विपक्षी दलों और कुछ असामाजिक तत्वों ने मिलकर इस सुनियोजित हमले को अंजाम दिया है।" उन्होंने इस साजिश के पीछे शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की है।
प्रशासन का कड़ा रुख और जांच के आदेश
राज्य प्रशासन और खुफिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हालिशहर की इस घटना की जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा में चूक के कारणों और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

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