तपसी रेलवे साइडिंग में डंपरों के पहिए थमे, बकाया भुगतान को लेकर मालिकों-चालकों का आंदोलन

22 जून से भुगतान नहीं मिलने का आरोप, ट्रांसपोर्टरों पर 6 से 10 प्रतिशत तक कमीशन काटने का भी लगाया आरोप; ट्रांसपोर्टर बोले- सोमवार या मंगलवार तक होगा भुगतान



जामुड़िया: केंदा फाड़ी अंतर्गत तपसी रेलवे साइडिंग में डंपर मालिकों और चालकों ने बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर शनिवार मध्यरात्रि से परिवहन कार्य पूरी तरह बंद कर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया. ट्रांसपोर्टिंग ठप होने से साइडिंग से विभिन्न कारखानों तक कच्चे आयरन ओर, कोयला एवं अन्य सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो गई है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो उद्योगों में कच्चे माल की कमी से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है.



प्रदर्शनकारी डंपर मालिकों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टरों ने जून महीने से चालानों का भुगतान नहीं किया है. समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण वे चालकों का वेतन, वाहनों की बैंक ईएमआई, डीजल, मरम्मत तथा अन्य परिचालन खर्च वहन करने में असमर्थ हो रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक परिवहन कार्य बंद रहेगा.


डंपर मालिक पवित्र माझी ने बताया कि तपसी साइडिंग में चार ट्रांसपोर्टर—राजा, आईटी, श्री माधव और एमएमपीएल—कार्य कर रहे हैं. उनके अनुसार राजा 6 प्रतिशत, आईटी 10 प्रतिशत तथा श्री माधव 8 प्रतिशत कमीशन काटकर उनको भुगतान करते हैं, जबकि एमएमपीएल कोई कमीशन नहीं लेती, लेकिन उसने 22 जून से अब तक भुगतान नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि कारखाना मालिकों से भुगतान देर से मिलने के कारण वे कमीशन लेते हैं, लेकिन वर्तमान में समय पर भुगतान नहीं मिलने से वाहन मालिक आर्थिक संकट में आ गए हैं ,वे वाहनों की मरम्मत,डीजल,तथा बैंकों के ईएमआई तक नही दे पा रहे है. और इसी कारण बाध्य हो कर परिवहन बंद करना पड़ा.


वाहन मालिक श्रीमंत चटर्जी ने भी आरोप लगाया कि यहां लगभग सभी ट्रांसपोर्टर कमीशन काटकर ही भुगतान करते हैं.उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कट मनी नहीं लेने की बात कही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है. उनका दावा है कि दो लाख रुपये के बिल पर भी वाहन मालिकों को करीब 20 हजार रुपये तक कमीशन देना पड़ता है, तब जाकर भुगतान होता है. अन्य वाहन मालिकों ने भी बताया कि साइडिंग शुरू होने के समय से ही यह व्यवस्था चली आ रही है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ट्रांसपोर्टरों के साथ वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान कराने की मांग की, ताकि परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके और उद्योगों का कामकाज प्रभावित न हो।


वहीं, ट्रांसपोर्टर जयदेव खाँ ने कहा कि वाहन मालिकों से सोमवार या मंगलवार तक बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था. इस संबंध में जामुड़िया के विधायक से भी बातचीत हुई है, लेकिन इसके बावजूद शनिवार रात से परिवहन कार्य बंद कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि सोमवार या मंगलवार तक बकाया भुगतान कर दिए जाएंगे।


वाहन मालिको ने आरोप लगाया कि तपसी साइडिंग में लगभग सभी ट्रांसपोर्टर इसी तरह कमीशन काटकर भुगतान करते हैं. उनके अनुसार, ट्रांसपोर्टरों का तर्क होता है कि कारखानों से भुगतान देर से मिलने के कारण उन्हें पहले भुगतान करने के एवज में यह कमीशन लेते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहीं भी कट मनी नहीं लेने की बात कही है, लेकिन यहां जमीनी हकीकत कुछ और है। उनका दावा है कि यदि किसी वाहन मालिक का बिल दो लाख रुपये होता है तो उसे करीब 20 हजार रुपये तक कमीशन देना पड़ता है, तभी उसका भुगतान जारी किया जाता है.अन्य वाहन मालिकों ने भी बताया कि साइडिंग शुरू होने के समय से ही यह व्यवस्था चली आ रही है.)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रानीगंज: शिशु बागान मोड़ के पास बड़ी चोरी, घर की छत पर थी मालकिन और नीचे से 35 लाख के जेवर पार
 रातोंरात गायब हुई राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा, रानीगंज में सियासी घमासान तेज
 जामुड़िया में ईडी का बड़ा धमाका: रानीगंज के हार्डवेयर व्यवसायी राजेश बंसल के घर छापेमारी, नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई
 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 रानीगंज के "मिट्टी के लाल" गोपाल आचार्य ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भरा पर्चा
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
 रानीगंज के प्रसिद्ध 'शंभू कचौड़ी वाले' की सड़क हादसे में मौत, इलाके में शोक की लहर
 चार्टेड एकॉउंटेंट अजय कुमार बगड़िया के नेतृत्व में आध्यात्मिक एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट यात्रा का आयोजन
 कोयला कारोबारियों का ऐलान: अब नहीं देंगे रंगदारी टैक्स, कोल ट्रेडर्स एसोसिएशन की बैठक में बड़ा फैसला; अब तक 17 गिरफ्तार
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर