लिलुआ (हावड़ा): हावड़ा के लिलुआ अंतर्गत भट्टनगर बर्मा कॉलोनी में लोकनाथ माझी उर्फ 'मलिंगा' को गोली मारने की सनसनीखेज घटना में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मुख्य हथियार सप्लायर को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। तीनों आरोपियों को हावड़ा अदालत में पेश किया गया।
कौन है गोलीबारी का शिकार बना 'मलिंगा'?
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस मलिंगा पर जानलेवा हमला हुआ, वह कोई आम आदमी नहीं बल्कि जुर्म की दुनिया का एक कुख्यात नाम है।
उसने लिलुआ भागाड़ (कूड़ा डंपिंग ग्राउंड) क्षेत्र में अपना एक गैंग बना रखा था और लंबे समय से दहशत का पर्याय बना हुआ था।
कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहने के कारण वह काफी समय से इलाका छोड़कर फरार चल रहा था।
इलाके में लौटते ही पुरानी रंजिश में हमला:
लंबे समय बाद जैसे ही मलिंगा अपने पुराने ठिकाने पर वापस लौटा, विरोधी गिरोह ने उस पर घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, पुरानी हत्या का बदला लेने और आपराधिक वर्चस्व के पुराने हिसाब-किताब को चुकता करने के लिए ही इस गोलीबारी को अंजाम दिया गया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी:
लिलुआ थाना पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए घटना में इस्तेमाल मुख्य आग्नेयास्त्र (पिस्तौल) और जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। इस मामले में अब तक तीन प्रमुख गिरफ्तारियां हुई हैं:
- प्रसेनजीत घोष (घटना का मास्टरमाइंड)
- सन्नी हेला (हमलावर/सहयोगी)
- जीतू सिंह (हथियार सप्लायर)
वर्तमान स्थिति:
गोली लगने से घायल मलिंगा का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पूछताछ के दौरान अपराध जगत से जुड़ी कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इस गैंग के बाकी सदस्यों को बेनकाब करने के लिए पुलिस ने अपनी जांच की रफ्तार तेज कर दी है।

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