पूर्व मेदिनीपुर : 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि वह नंदीग्राम और हल्दिया को जोड़ने वाले पुल का निर्माण कराएंगी। हालांकि चुनाव के बाद इस परियोजना में देरी हुई। इस बीच राज्य सरकार के बजट में इस महत्वाकांक्षी पुल निर्माण परियोजना को शामिल किया गया।इसी सिलसिले में बहुप्रतीक्षित नंदीग्राम-हल्दिया पुल निर्माण परियोजना की पहली समन्वय बैठक निमतौड़ी स्थित जिला प्रशासनिक भवन में आयोजित की गई। इस बैठक में जिला मजिस्ट्रेट (DM) निरंजन कुमार, जिला परिषद के सभाधिपति बामदेव गुछैत, हल्दिया के विधायक प्रदीप बिजली, लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी और प्रशासन के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि इस परियोजना के सर्वे की जिम्मेदारी राइड्स (RITES) एजेंसी को सौंपी गई है। वर्तमान में तीन से चार सम्भावित स्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही पुल के अंतिम स्थान का चयन किया जाएगा। अगले 15-20 दिनों के भीतर फिर से एक समीक्षा बैठक आयोजित होगी।हल्दिया के विधायक प्रदीप बिजली ने कहा कि प्रस्तावित लगभग 3 किलोमीटर लंबे इस पुल को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 'फोल्डिंग ब्रिज' (Folding Bridge) के रूप में बनाने की योजना है। अगले दो से तीन महीनों के भीतर पुल के स्थान को अंतिम रूप देने के लक्ष्य के साथ सर्वे का काम तेजी से चल रहा है।दूसरी ओर, सालों पुराना सपनों का पुल अब वास्तविक रूप लेने जा रहा है, यह जानकर हल्दिया और नंदीग्राम के निवासियों में काफी खुशी की लहर है।

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