उत्पादन रहा ठप, परिजनों ने उचित मुआवजा मिलने तक पोस्टमार्टम नहीं कराने की कही बात
जामुड़िया-श्रीपुर फाड़ी क्षेत्र के निघा डीवीसी स्थित सर्व मंगलम गजानन स्टील प्राइवेट लिमिटेड (केडीया प्लांट) में कार्यरत श्रीपुर तीन नंबर निवासी 42 वर्षीय श्रमिक मोहम्मद आजाद की ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. परिजनों और स्थानीय लोगों ने कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजा एवं परिवार के पुनर्वास की मांग को लेकर प्लांट के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के कारण कारखाने का उत्पादन भी ठप रहा.
जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले ड्यूटी के दौरान मोहम्मद आजाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे.उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.मृतक के परिजन का कहना है कि परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था.उसकी मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट बोझ पड़ेगी,मृतक के परिवार को 15 लाख रुपया,इलाज में लगी खर्च तथा दाह संस्कार का खर्च प्रदान करनी होगी,जबकि कारखाना के मालिक का कहना है कि फिलहाल 10 हजार रुपया दे रहे है,तथा सोमवार को जामुड़िया थाना में बैठक की जाएगी,जबकि परिजन तत्काल ही मुवावज़े मांग रहे है.
मुआवजे की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. पूर्व माकपा विधायक प्रत्याशी मोहम्मद साबीर हुसैन ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कंपनी प्रबंधन से मानवीय आधार पर उचित मुआवजा और आवश्यक सहायता देने की मांग की.उनके साथ नुमान खान, भाजपा नेता अविनाश चतुर्वेदी, मुकेश साव तथा कांग्रेस नेता फिरोज खान भी मौजूद रहे और परिवार को न्याय दिलाने की मांग का समर्थन किया.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.उनका कहना था कि यदि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मृतक के परिजनों के साथ सम्मानपूर्वक वार्ता कर उचित आर्थिक सहायता, मुआवजा तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की.
मृतक के परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वे शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजेंगे . उनका कहना है कि परिवार का एकमात्र सहारा छिन जाने के बाद उसके आश्रितों के भविष्य की जिम्मेदारी भी कंपनी को उठानी चाहिए.
प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई.मौके पर श्रीपुर फाड़ी पुलिस तैनात रही तथा स्थिति पर नजर बनाए रखी. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की.

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