कोलकाता, : मध्य कोलकाता के धर्मतला इलाके में हाल ही में एक विरोध प्रदर्शन/जुलूस की कवरेज के दौरान पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्टों पर हुए हमले व मारपीट की घटना को लेकर राज्य के मीडिया जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस बर्बर हमले के विरोध में पत्रकारों की ओर से धर्मतला क्षेत्र में एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च (Protest March) निकाला गया।पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता पर उठे सवालइस विरोध मार्च में विभिन्न समाचार पत्रों, टीवी चैनलों और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों, वीडियो जर्नलिस्टों और फोटो जर्नलिस्टों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रदर्शनकारी पत्रकारों के हाथों में तख्तियां (प्लैकॉर्ड) और बैनर थे, जिन पर पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमले रोकने के नारे लिखे थे।विरोध सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि काम के दौरान मीडियाकर्मियों पर हमला किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोकतंत्र में प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण (Safe Working Environment) अनिवार्य है। उन्होंने मांग की कि पुलिस और प्रशासन हमले में शामिल सभी दोषियों की जल्द से जल्द पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करे।प्रशासनिक रुख पर टिकी नजरेंइस घटना के बाद से ही खबरें कवर करने वाले पत्रकारों में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मीडिया संगठनों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे। फिलहाल पूरे मीडिया जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कोलकाता पुलिस और राज्य सरकार पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कड़े उपाय करती है।

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