कोलकाता, 26 मई: पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में 'वीवीआईपी संस्कृति' को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय 'लालबाजार' को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि उनके आधिकारिक काफिले (कॉन्वॉय) के लिए शहर के ट्रैफिक सिग्नलों को न तोड़ा जाए और न ही आम जनता के आवागमन को रोका जाए। लालबाजार के शीर्ष अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री के इस ऐतिहासिक निर्देश को कोलकाता भर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
रेड रोड पर मुख्यमंत्री ने खुद रुकवाया प्रोटोकॉल
कोलकाता पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का काफिला रेड रोड से होकर गुजर रहा था, तब पारंपरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री की तेज निकासी के लिए सामान्य ट्रैफिक को रोकने और ग्रीन सिग्नल को ओवरराइड करने की तैयारी की। पुलिस अधिकारियों की इस हरकत को देखकर मुख्यमंत्री ने तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तलब किया और कहा, "मुझे इस तरह के विशेषाधिकार की आवश्यकता नहीं है। मैं उस तरह का मुख्यमंत्री नहीं हूं। मैं हमेशा कानून का पालन करूंगा।" उन्होंने साफ किया कि वे वीवीआईपी मूवमेंट के नाम पर जनता को परेशान करने के बजाय वैकल्पिक रास्ते का उपयोग करना पसंद करेंगे।
लालबाजार से हर मोर्चे पर मुस्तैदी के आदेश
मुख्यमंत्री के इस फैसले की सोशल मीडिया और आम जनता के बीच जमकर तारीफ हो रही है। पार्क सर्कस जैसे व्यस्ततम इलाके में भी मुख्यमंत्री के दौरे के समय सामान्य यातायात को सुचारू रूप से चलने दिया गया। इसके अलावा, लालबाजार मुख्यालय हाल ही में भवानीपुर थाने में मुख्यमंत्री के नाम पर आए एक धमकी भरे ई-मेल को लेकर भी बेहद सतर्क है। जांच में पता चला है कि यह ई-मेल गार्डन रीच इलाके से एक महिला के नाम से भेजा गया था, जिसकी गहन जांच लालबाजार की स्पेशल विंग कर रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को बिना किसी राजनीतिक दबाव के स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी स्वायत्तता दी है।

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