रानीगंज: पश्चिम बंगाल में खाद्य अनाज व्यापारियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में, शुक्रवार तड़के ED की टीम ने रानीगंज के प्रमुख उद्योगपति और चावल व्यापारी अजय कयाल के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई शहर के शिशुबगान चौराहे के पास स्थित उनके आवास और अन्य व्यावसायिक परिसरों में चल रही है।
तड़के 5 बजे केंद्रीय बलों के साथ पहुंची टीम
सूत्रों के मुताबिक, भोर होने से पहले करीब 5:00 बजे ED के अधिकारियों की एक बड़ी टीम चार गाड़ियों में सवार होकर रानीगंज के एमएसबी रोड स्थित कयाल निवास पहुंची। अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ (CISF) के जवानों की एक बड़ी टुकड़ी सुरक्षा घेरे के रूप में मौजूद है। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
व्यापारिक साम्राज्य और विदेशी कनेक्शन
अजय कयाल रानीगंज के एक प्रतिष्ठित व्यापारिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता, भगवती कयाल, क्षेत्र में चावल व्यापार का एक जाना-माना नाम रहे हैं। अजय कयाल और उनके दिवंगत भाई संजय कयाल ने मिलकर इस पैतृक व्यवसाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है। बताया जाता है कि कयाल परिवार का चावल का कारोबार न केवल पश्चिम बंगाल और भारत, बल्कि विदेशों तक फैला हुआ है।
जांच के घेरे में वित्तीय लेन-देन
जानकारी के अनुसार, अजय कयाल की लगभग पांच से छह खाद्य आपूर्ति (Food Supply) कंपनियां हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह छापेमारी इन कंपनियों के माध्यम से किए गए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और विदेशी व्यापार से जुड़ी अनियमितताओं के संबंध में की गई है। इसके अलावा, नागालैंड समेत देश के अन्य हिस्सों के व्यापारियों के साथ इनके व्यापारिक संबंधों की भी जांच की जा रही है।
इलाके में तनाव और सुरक्षा
पिछले दो दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में खाद्यान्न व्यापारियों पर ED की छापेमारी चल रही है, जिसके चलते व्यापारिक गलियारों में पहले से ही तनाव का माहौल था। रानीगंज में हुई इस ताज़ा कार्रवाई ने स्थानीय व्यवसायियों की चिंता और बढ़ा दी है। फिलहाल, घर के अंदर तलाशी अभियान और पूछताछ जारी है। ED के अधिकारियों ने अभी तक छापेमारी के पुख्ता कारणों या किसी बड़ी बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।




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