रानीगंज: कोयला व्यापारियों ने रंगदारी के खिलाफ खोला मोर्चा, पंजाबी मोड़ पर डीओ होल्डर्स की बड़ी बैठक



रानीगंज- पश्चिम बंगाल की सत्ता में हुए परिवर्तन के बाद अब औद्योगिक क्षेत्रों में वर्षों से जारी 'सिंडिकेट राज' और रंगदारी के खिलाफ आवाजें बुलंद होने लगी हैं. शनिवार को रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में कोल ट्रेडर्स यूनियन के अंतर्गत ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के डीओ होल्डर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई.इस बैठक में सैकड़ों की संख्या में कोयला व्यापारी और डीओ होल्डर्स उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में कोलियरियों से कोयला उत्तोलन में आ रही बाधाओं और अवैध वसूली पर कड़ा रोष प्रकट किया.



30 साल के व्यापार में पहली बार ऐसा संकट: सतीश खेमका

कोयला व्यवसाय से जुड़े वरिष्ठ व्यापारी सतीश खेमका ने दशकों पुराने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उनका परिवार पिछले 60 वर्षों से इस व्यापार में है. उन्होंने कहा, "पहले ट्रक चालक मशीन ऑपरेटरों को खुशी से कुछ मामूली रुपये ख्शीश देते थे, लेकिन टीएमसी सरकार के शुरुआती कुछ वर्षों के बाद स्थिति भयावह हो गई.डीओ होल्डरों से मोटी रकम की मांग की जाने लगी. पैसा न देने पर काम रोक दिया जाता था.

खेमका ने आगे बताया कि रानीगंज का कोयला देश में सर्वश्रेष्ठ होने के बावजूद, रंगदारी के कारण इसकी कीमत इतनी बढ़ गई कि स्थानीय व्यापारी अन्य राज्यों में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं इससे व्यापार पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुँच गया है.



बैठक के दौरान सतीश खेमका ने सीधे तौर पर दो व्यक्तियों—विजय सिंह और मैजुल—का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए.उन्होंने कहा कि पिछले 4 तारीख से कोयले का उत्तोलन कोलियरियों से बंद करवा दिया गया है. इनके लोग अपने गुंडों के साथ आकर काम रुकवा रहे हैं व्यापारियों का कहना है कि जितनी बड़ी रकम रंगदारी में मांगी जा रही है, उससे व्यापार करना असंभव हो गया है.



नई सरकार और मोदी-शाह के वादों से जगी उम्मीद

बैठक में मौजूद व्यापारियों ने कहा कि अब जबकि राज्य में राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के वादों पर भरोसा है.भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी प्रकार की 'रंगदारी' या 'कट मनी' बर्दाश्त नहीं की जाएगी. व्यापारियों को उम्मीद है कि प्रशासन अब इन गुंडा तत्वों पर लगाम लगाएगा.




प्रशासन से करेंगे आधिकारिक शिकायत

कोयला व्यापारियों ने निर्णय लिया है कि बहुत जल्द डीओ होल्डर्स की एक और बड़ी बैठक बुलाई जाएगी, जिसके बाद आधिकारिक रूप से पुलिस कमिश्नर और जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी जाएगी.दोषियों की गिरफ्तारी और व्यापार को भयमुक्त माहौल में चलाने की मांग की जाएगी.

इस बैठक में मुख्य रूप से कोल ट्रेडर पवन केजरीवाल, सौरभ अग्रवाल, संजय तोदी, राजा साव सहित सैकड़ों डीओ होल्डर उपस्थित थे.

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