कोलकाता: पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय 'नवान्न' में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार ने तुष्टिकरण और धार्मिक आधार पर दिए जाने वाले भत्तों को लेकर एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और अल्पसंख्यक मामले व मदरसा शिक्षा विभाग के तहत दिए जाने वाले सभी धार्मिक सहायता भत्तों को अगले महीने से पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया है।कैबिनेट के इन बड़े फैसलों और घोषणाओं के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:1. इमाम, मोअज्जिन और पुरोहितों का भत्ता बंद; मदरसा बजट आवंटित स्थगितराज्य सरकार के नए फैसले के अनुसार, अब तक इमामों, मोअज्जिनों और पुरोहितों को मिलने वाली मासिक वित्तीय सहायता राशि (भत्ता) आगामी जून महीने से पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। इसके साथ ही, अल्पसंख्यक विकास और मदरसा शिक्षा के मद में आवंटित किए गए फंड को फिलहाल तत्काल प्रभाव से स्थगित (सस्पेंड) कर दिया गया है। सरकार आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की गहन जांच (अनुसंधान) करेगी और उसके बाद ही तय करेगी कि आगे क्या कदम उठाया जाना है। माना जा रहा है कि पिछले बजट में मदरसा विकास के लिए जो वित्तीय सहायता तय की गई थी, उसे फिलहाल रोक दिया गया है।2. लक्ष्मी भंडार से अन्नपूर्णा भंडार में ट्रांसफरकैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि जो महिलाएं पहले से 'लक्ष्मी भंडार' योजना का लाभ पा रही थीं, उन सभी को सीधे नई 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना से जोड़ दिया जाएगा। इन लाभार्थियों को अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।3. वंचितों के लिए जल्द खुलेगा विशेष पोर्टलजो पात्र महिलाएं अब तक लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ नहीं ले पाई थीं, उन्हें अन्नपूर्णा भंडार योजना के दायरे में लाने के लिए सरकार बहुत जल्द एक नया और विशेष ऑनलाइन पोर्टल (Portal) शुरू करने जा रही है, जिसके जरिए नए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।4. CAA और ट्रिब्यूनल में आवेदन करने वालों को भी मिलेगी वित्तीय सहायतासरकार ने अन्नपूर्णा भंडार योजना के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए इसके दायरे को और बढ़ाया है। घोषणा के अनुसार, जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया है, या जिन लोगों ने ट्रिब्यूनल (Tribunal) में अपनी नागरिकता या अन्य कानूनी अधिकारों के लिए अपील की है, उनके परिवारों की महिलाओं को भी 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा।

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