रानीगंज-विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत और राज्य कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ लेने के बाद विधायक अग्निमित्रा पाल पहली बार अपने निर्वाचन क्षेत्र के बांसड़ा इलाके के दौरे पर पहुंचीं. नए नवेले मंत्री के आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों में गजब का उत्साह देखा गया.
बांसड़ा पहुंचने पर समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया. इसके बाद अग्निमित्रा पाल एक खुली जीप पर सवार होकर भारी हुजूम के साथ आगे बढ़ीं इस दौरान माहौल उस वक्त बेहद खुशनुमा हो गया जब अपने क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर मंत्री खुद को रोक नहीं पाईं और चुनावी गीतों की धुन पर जमकर थिरकती नजर आई.
काफिले के दौरान उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब दिया.अग्निमित्रा पाल ने मुस्कुराते हुए कहा, मंत्री बनने के बाद क्या नृत्य करना मना है? साल 2026 के चुनाव नतीजों के बाद बंगाल के लोग खुद को आजाद महसूस कर रहे हैं.उन्हें लग रहा है कि अब वे जी भरकर अपनी जिंदगी जी सकते हैं.जनता खुशियां मना रही है और उनकी विधायक व जनप्रतिनिधि होने के नाते मैं उनकी खुशियों में शामिल हो रही हूँ. उन्होंने आगे कहा कि वह बंगाल की स्वस्थ संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ जनता के विकास कार्यों को पूरी निष्ठा से करती रहेंगी
ममता और अभिषेक बनर्जी की फाइलें खुलने का किया समर्थन
पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए अग्निमित्रा पाल ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच की फाइलें खुलने की बात का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में जिस किसी ने भी गलत काम किया है या जनता के पैसों की लूट की है, उन सभी का हिसाब होना बेहद जरूरी है.
टीएमसी के पूर्व मंत्रियों और बड़े नेताओं की सुरक्षा कम होने की चर्चाओं पर पलटवार करते हुए मंत्री ने कहा, 15 साल के शासनकाल में टीएमसी नेताओं ने जनता के लिए कोई काम नहीं किया. आम लोग असुरक्षित थे, लेकिन टीएमसी के नेता और मंत्री बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमते रहे.पूरा प्रशासन आम जनता को छोड़कर उनकी सुरक्षा में लगा रहता था. अब ऐसा नहीं होगा. अब वे सत्ता से बाहर हैं और आम इंसान की तरह हैं, इसलिए उन्हें आम जिंदगी ही जीनी होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में ईंधन की बचत करने की अपील का जिक्र करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बहुत ही सही और दूरदर्शी बात कही है. पीएम मोदी ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करके खुद एक मिसाल पेश की है. बंगाल के सभी भाजपा मंत्री इसका पूरी तरह अनुसरण करेंगे और अपने काफिले में कम से कम (न्यूनतम) गाड़ियां रखेंगे ताकि सरकारी संसाधनों और ईंधन की बचत हो सके.


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