कोलकाता, 22 मई (2026): नई सरकार के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक कीर्तनिया ने विभाग में पारदर्शिता लाने और आम जनता तक राशन सेवाओं को सही तरीके से पहुँचाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। आज कोलकाता स्थित 'खाद्य भवन' में पदभार संभालने के बाद उन्होंने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस (संवाददाता सम्मेलन) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि नई सरकार के तहत खाद्य विभाग में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता लाना और कालाबाजारी रोकना मुख्य लक्ष्य
संवाददाता सम्मेलन में खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा, "विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद हमारी सबसे पहली प्राथमिकता राशन वितरण प्रणाली और खाद्य आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। गरीब और आम जनता के हक का अनाज सीधे और सही मात्रा में उन तक पहुँचना चाहिए, इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।"
गड़बड़ी करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
मंत्री ने स्पष्ट किया कि खाद्य आपूर्ति के हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई राशन डीलर, बिचौलिया या विभागीय अधिकारी जनता के राशन में हेराफेरी या कालाबाजारी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"
राशन सेवाओं को बेहतर बनाने का भरोसा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया कि राशन दुकानों से लोगों को बिना किसी परेशानी के अनाज मिल सके, इसके लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। नई सरकार और खाद्य मंत्री के इस सख्त संदेश के बाद विभाग के अधिकारियों और राशन डीलरों के बीच हड़कंप मच गया है।

0 टिप्पणियाँ