● रानीगंज के श्री श्री सीताराम जी भवन में प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन और अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा आयोजित सेमिनार
● अंतरराष्ट्रीय उद्योगपति तथा मोटिवेशनल स्पीकर विमल पटवारी, सीए विकास जैन और आध्यात्मिक गुरुओं ने युवाओं को दिया करियर व संस्कारों का मंत्र
रानीगंज,-मारवाड़ी युवाओं को अपनी जड़ों और पारिवारिक संस्कारों से जोड़ने तथा रोजगार की तलाश में राज्य से होने वाले पलायन को रोकने के उद्देश्य से गुरुवार को एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया. यह भव्य कार्यक्रम पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन (रानीगंज शाखा) तथा अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय श्री श्री सीताराम जी भवन में संपन्न हुआ.
इस प्रेरणादायक सेमिनार का मुख्य संदेश यह था कि युवा अपने वृद्ध माता-पिता और परिवार के साथ अपने जन्मस्थान पर रहकर भी विभिन्न व्यापारिक अवसरों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपने करियर को चार चांद लगा सकते हैं.
कार्यक्रम का शुभारंभ 'शरण्या' द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। प्रथम सत्र में 'बिजनेस और करियर गाइडेंस' पर बोलते हुए अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त उद्योगपति और मोटिवेशनल स्पीकर बिमल पटवारी ने युवाओं को व्यापार में उन्नति करने के अचूक गुर सिखाए. उन्होंने 'व्यापार में उन्नति कैसे करें' विषय पर कहा कि अपने क्षेत्र में सर्वोच्च प्रदर्शन करने के लिए भीतर से एक जज्बा होना चाहिए. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का हवाला देते हुए कहा, सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, बल्कि असली सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते. उन्होंने सफलता के लिए अनुशासन और निरंतरता को अनिवार्य बताया.
युवाओं को स्थानीय स्तर पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए विमल पटवारी ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि हमारे जिले (पश्चिम बर्दवान) में आर्थिक उन्नति की सभी संभावनाएं मौजूद हैं. यहां की जमीन काफी अधिक उर्वरक है, यहां पूरे भारतवर्ष के 14 प्रतिशत फल और सब्जी उगाते है,उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि पूरे भारत का 23 प्रतिशत आलू इसी जिले में उत्पादित होता है, पर हम एक रुपये का आलू निर्यात नही कर पाते, जबकि गुजरात जैसे राज्य दूसरे राज्यो से आलू खरीदकर सालाना 4 हजार करोड़ रुपयों के निर्यात करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि लोग यहाँ उद्योगों की कमी की शिकायत करते हैं, जबकि दूसरे राज्य मुम्बई से आकर एक उद्योगपति ने पानागढ़ में फ़र्टिलाइज़र ( यूरिया) का इतना बड़ा उद्योग स्थापित कर दिया है जो पूरे भारतवर्ष में प्रथम है.अतः हमें अपनी संभावनाओं को अपने अंचल में खुद को तलाशना होगा.
व्यापार में ग्रोथ और टाइम मैनेजमेंट के टिप्स
इसी सत्र में दुर्गापुर से आए मशहूर चार्टर्ड अकाउंटेंट विकास जैन ने 'बिजनेस ग्रोथ और सेल्फ डेवलपमेंट' पर विशेष वक्तव्य रखा.उन्होंने आधुनिक दौर की व्यापारिक चुनौतियों से निपटने के तरीके बताए. सीए विकास जैन ने कहा कि हमें परिवार और व्यापार के बीच सामंजस्य बनाकर चलना चाहिए. उन्होंने व्यापार को ऑटो-पायलट मोड पर ले जाने का व्यावहारिक मार्गदर्शन देते हुए कहा कि हमारा बिजनेस ऐसा होना चाहिए कि अगर हम कुछ दिनों के लिए बाहर भी चले जाएं, तो भी व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे.
द्वितीय सत्र का मुख्य आकर्षण आध्यात्मिक मार्गदर्शन रहा. गीता मिशन के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट डॉ. स्वामी चिदानंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने 'संस्कारवान माता-पिता और संस्कारी समाज' विषय पर युवाओं को संबोधित किया. उन्होंने युवाओं को संस्कार, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारियों का महत्व समझाते हुए कहा कि एक मजबूत परिवार ही सशक्त समाज की आधारशिला बनता है. कार्यक्रम के अंतिम चरण में ओडिशा राज्य ब्राह्मण परिषद के अध्यक्ष श्री कामेश्वर्यानंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने भी अपने बहुमूल्य विचारों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया.
सेमीनार के दौरान उपस्थित युवक-युवतियों ने वक्ताओं से करियर और व्यापार को लेकर कई सवाल किए, जिनका मुख्य वक्ताओं ने अत्यंत संतोषजनक उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया. आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम विशेष रूप से महिलाओं, युवक-युवतियों और रानीगंज के समस्त परिवारों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था.
इस गरिमामयी कार्यक्रम को सफल बनाने में पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी समाज (रानीगंज शाखा) के सलाहकार राजेन्द्र प्रसाद खैतान, अध्यक्ष ओम प्रकाश बाजोरिया, अरुण भरतिया, बिमल अग्रवाल, संगीता सुरेका और रश्मि केजरीवाल सहित पूरी टीम का अहम योगदान रहा। पूरे मंच का कुशल संचालन स्वीटी लोहिया तथा वाणी खैतान ने संयुक्त रूप से किया.



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