कोलकाता, 26 मई: पश्चिम बंगाल के सरशुना इलाके में बीते 17 अप्रैल को एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। घटना के समय राज्य में तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार और पुलिस प्रशासन पर भरोसा न होने के कारण पीड़ित परिवार ने उस वक्त शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। हालांकि, राज्य में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन (भाजपा सरकार के आने) के बाद, परिवार ने वर्तमान व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए सरशुना थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
"पिछली सरकार पर नहीं था भरोसा" — विधायक इंद्रनील खां
घटना की सूचना मिलने के बाद बेहाला पश्चिम के नवनिर्वाचित विधायक इंद्रनील खां खुद सरशुना थाने पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात कर मामले की प्रगति की जानकारी ली।
मीडिया से बात करते हुए विधायक इंद्रनील खां ने कहा, "बीते 17 अप्रैल को जब यह भयानक अपराध हुआ था, तब राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर पीड़ित परिवार को बिल्कुल भरोसा नहीं था। उन्हें डर था कि शिकायत करने पर भी आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण मिल जाएगा। लेकिन अब राज्य में सत्ता बदल चुकी है। हमारे सत्ता में आने के बाद परिवार के भीतर न्याय की उम्मीद जगी है और उन्होंने थाने आकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए एक अपराधी को दबोच लिया है।"
अन्य आरोपियों की तलाश तेज
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे इतने दिनों तक डर के साए में जी रहे थे, लेकिन प्रशासनिक बदलाव के बाद उन्हें सुरक्षा का अहसास हुआ है। सरशुना थाना पुलिस ने पोक्सो (POCSO) एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना में शामिल अन्य दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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