राजाबांध तालाब ,रानीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा पुरणमल कोलियरी अंचल का औचक निरीक्षण कर स्थानीय समस्याओं को जाना, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
121 बीघा का ऐतिहासिक तालाब रानीगंज की धरोहर है, इसकी एक इंच जमीन पर भी अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा। कब्जाधारी खुद ही अवैध निर्माण हटा लें, वरना होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई.
रानीगंज: चुनाव प्रचार के दौरान जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए नवनिर्वाचित रानीगंज के भाजपा विधायक पार्थ घोष सोमवार को एक्शन मोड में नजर आए.उन्होंने शहर के तीन अलग-अलग क्षेत्रोंराजाबांध तालाब, आलूगोरिया स्तिथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पूरणमल कोलियरी क्षेत्र का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ दौरा किया. स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
राजाबांध तालाब पर अवैध कब्जाधारियों को विधायक की खुली चेतावनी
कभी रानीगंज की पहचान और गौरव रहा ऐतिहासिक 'राजाबांध तालाब' आज अवैध कब्जे और जलकुंभी की मार झेल रहा है. लगभग 121 बीघा में फैले इस विशाल तालाब की बदहाली पर गहरी चिंता जताते हुए विधायक पार्थ घोष ने बीएलआरओ (भूमि सुधार अधिकारी), रानीगंज थाना प्रभारी और स्थानीय भाजपा नेतृत्व के साथ इसका औचक निरीक्षण किया.
अवैध निर्माण करने वालों को मिला अल्टीमेटम
विधायक ने पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नेताओं और जमीन माफियों की साठगांठ से तालाबों को भरकर अवैध भवनों का निर्माण किया गया. उन्होंने इसके गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि कभी यहाँ बड़े पैमाने पर मछली पालन होता था, जिससे बाजारों में मछली के दाम 50% तक कम हो जाते थे. साथ ही यहाँ भव्य छठ पूजा व धार्मिक अनुष्ठान होते थे. विधायक ने सख्त लहजे में कहा कि जल्द ही पूरे 121 बीघा तालाब की पैमाइश (नापी) शुरू होगी. जिन लोगों ने भी तालाब की जमीन या पाड़(मुहाना) पर अवैध निर्माण किया है, वे उसे खुद ही ढहा दें, अन्यथा प्रशासन कड़ाई से बुलडोजर चलाएगा और कानूनी कार्रवाई करेगा.
रानीगंज स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर बिफरे विधायक, व्यवस्था सुधारने का आश्वासन
जर्जर भवन और सुविधाओं की कमी पर जताई चिंता
राजाबांध तालाब का निरीक्षण करने के बाद विधायक पार्थ घोष आलूगोरिया स्तिथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. वहाँ उन्होंने बीएमओएच से स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल परिसर की स्थिति का जायजा लिया.निरीक्षण के दौरान अस्पताल का भवन काफी जर्जर और बदहाल स्थिति में पाया गया.
विधायक ने मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की और कहा कि इस केंद्र में एक साथ अधिक से अधिक मरीजों की सेवा करने का प्रबंध सुनिश्चित करना होगा.खाली नियुक्तियों को भरा जाएगा,साथ ही अतरिक्त स्वास्थ्य कर्मी के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से मांग की जाएगी. उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया कि वे स्वास्थ्य केंद्र की इस बदहाली को दूर करने के लिए जल्द ही उच्च स्तरीय स्वास्थ्य विभाग से बातचीत कर आवश्यक फंड और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करवाने की पहल करेंगे.
पूरणमल कोलियरी में रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का संकट, बिना पुनर्वास बेदखली मंजूर नहीं
फ्रेट कॉरिडोर का काम भी न रुके और गरीब परिवार बेघर भी न हों, सहानुभूति के साथ दोनों पक्षों के बीच बैठक कर निकाला जाएगा बीच का रास्ता
रेलवे फ्रेट कॉरिडोर के लिए मिला है 1 जून का नोटिस
अपने दौरे के तीसरे चरण में विधायक पार्थ घोष पूरणमल कोलियरी (वार्ड संख्या 37) क्षेत्र पहुंचे. यहाँ रेलवे के विशेष फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ी कॉरिडोर) के निर्माण के लिए ईसीएल के पुराने क्वार्टरों में रह रहे करीब 40 से 45 परिवारों को खाली करने का नोटिस दिया गया है. इन्हें अपने आवास खाली करने की आखिरी तारीख 1 जून तय की गई है. इस दौरान मौके पर ईसीएल अधिकारियों के साथ अमृत नगर ग्रुप ऑफ माइंस के एजेंट दीपक खेवाले और बीएलआरओ विभाग के अधिकारी उपस्थित थे. अधिकारियों का कहना है कि ये क्वार्टर बहुत पुराने और खतरनाक हो चुके हैं, इसलिए इन्हें तोड़ना जरूरी है.
विधायक ने इस मुद्दे पर बेहद संवेदनशील रुख अपनाया.उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही यह कब्जा अवैध हो, लेकिन दशकों से रह रहे इन परिवारों को बिना पुनर्वास (रहने की वैकल्पिक व्यवस्था) के अचानक बेघर करना कतई उचित नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 1 जून से फिलहाल केवल उन्हीं क्वार्टरों को तोड़ा जाए जो खाली पड़े हैं. जिन क्वार्टरों में लोग रह रहे हैं, उनके लिए रेलवे, ईसीएल और प्रशासन के साथ मिलकर एक समन्वय बैठक की जाएगी, ताकि विकास कार्य भी न रुके और प्रभावित परिवारों के साथ मानवीय व सहानुभूति पूर्वक न्याय हो सके.



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