रानीगंज: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रशासनिक सक्रियता और 'कानून के शासन' का असर अब सड़कों पर दिखने लगा है. राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत शनिवार को रानीगंज ट्रैफिक पुलिस ने शहर के व्यस्ततम इलाकों में विशेष अभियान चलाया.इस दौरान नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल रहा.
शिशुबागान मोड़ पर 'एक्शन मोड' में दिखी पुलिस
सुबह से ही रानीगंज के हृदय स्थल नेताजी सुभाष रोड और शिशुबागान मोड़ पर ट्रैफिक विभाग के अधिकारी मुस्तैद दिखे. पुलिस ने विशेष रूप से उन बाइक सवारों को निशाना बनाया जो बिना हेलमेट, ट्रिपल लोडिंग या बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के सड़कों पर फर्राटा भर रहे थे. पुलिस की घेराबंदी देख कई चालक घबरा गए और पकड़ से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली सड़कों पर जानलेवा रफ्तार से बाइक भगाते नजर आए, जिससे राहगीरों की जान पर भी बन आई.
प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब सड़कों पर मनमर्जी नहीं चलेगी। पुलिस द्वारा दी गई चेतावनियों में केवल दिखावे का हेलमेट मान्य नहीं होगा; बीआईएस प्रमाणित आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहनना अनिवार्य है. चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य है.उल्लंघन पर ₹1000 का तत्काल जुर्माना लगाया जा रहा है.यदि कोई चालक 5 बार से अधिक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा.
ट्रैफिक विभाग ने बताया कि अब सड़कों पर केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि सीसीटीवी कैमरों की 'तीसरी आँख' भी नजर रख रही है. रानीगंज ट्रैफिक विभाग की इस सख्त कार्रवाई ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो कानून की अनदेखी करते थे.हालांकि, अभियान के दौरान कई जागरूक नागरिक हेलमेट पहनकर और नियमों का पालन करते हुए भी दिखाई दिए, जिनकी पुलिस ने सराहना की. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा.



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