रानीगंज: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कोड के विरोध में बुधवार को रानीगंज में सीटू, किसान सभा और खेत मजदूर संगठनों की ओर से विरोध मार्च निकाला गया. यह मार्च रानीगंज पोस्ट ऑफिस मैदान से शुरू होकर सीआर रोड, एतवारी मोड़ और बड़ा बाजार होते हुए नेताजी प्रतिमा के समक्ष जाकर समाप्त हुआ.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “श्रम कोड तुरंत वापस लो” और “नए श्रम कोड के नाम पर मजदूरों के अधिकारों का हनन बंद करो” जैसे नारे लगाए.
जुलूस के बाद आयोजित सभा में श्रमिक, किसान और खेत मजदूर संगठनों के नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की. वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मालिक पक्ष के शोषण का रास्ता आसान कर दिया है. उन्होंने कहा कि नए श्रम कोड के कारण काम के घंटे, मजदूरी और ट्रेड यूनियन के अधिकार खतरे में पड़ गए हैं.
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा योजना के तहत मिलने वाले सौ दिनों के काम को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे आम लोगों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा रहा है. सभा से कॉरपोरेट समर्थक और श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया गया.


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