कोलकाता, 26 मई: राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए मंत्री दिलीप घोष ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी भी अपराधी को ढूंढ नहीं पाती है, क्योंकि शाम होते ही वे उन्हीं के साथ उठते-बैठते और खाते-पीते हैं। दिलीप घोष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर पुलिस ने अपनी आदतें नहीं बदलीं, तो जनता उन्हें बदल देगी और कई जगहों पर इसकी शुरुआत भी हो चुकी है।"
"नेताओं से साठगांठ और चोरों से हिस्सेदारी बंद हो"
दिलीप घोष ने पुलिस पर झूठ बोलने और सत्ताधारी नेताओं के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "पुलिस की यह बहुत पुरानी और बुरी आदत है। झूठ बोलना, नेताओं के इर्द-गिर्द घूमना और चोर-डकैतों के साथ अवैध कमाई का हिस्सा बांटना—अब इन सब चीजों को बदलने की सख्त जरूरत है।"
बढ़ते जनआक्रोश और जनरोष की चेतावनी
राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने जनआक्रोश (जनता के गुस्से) का जिक्र किया। दिलीप घोष ने कहा, "चारों तरफ जो कुछ भी हो रहा है, उससे लोग अब इस अत्याचार को सहते-सहते थक चुके हैं और बुरी तरह भड़क गए हैं। हमारे पास लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं कि हर अपराध के पीछे कहीं न कहीं पुलिस की संलिप्तता है। पुलिस को अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो जनता का गुस्सा इस कदर फूटेगा कि कोई किसी को नहीं बचा पाएगा। जब पुलिस जनता की रक्षा करती है, तो ऐसे हालात में पुलिस को कौन बचाएगा?"
"अधिकारियों को गलत कामों के लिए इस्तेमाल किया गया"
पुलिस प्रशासन के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों पर भी निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा कि चाहे वे ओसी (OC) हों, आईसी (IC), बीडीओ (BDO) हों या एसडीएम (SDO)—इन सभी अधिकारियों के बिगड़ने की मुख्य वजह यह है कि पूर्व में इनका इस्तेमाल गलत और अवैध कामों के लिए किया गया है।
उन्होंने आगे कहा, "धीरे-धीरे इन अधिकारियों ने उसी अवैध व्यवस्था को सामान्य मान लिया है। वे गैर-कानूनी कामों को कानूनी समझने लगे हैं और अपने पद का फायदा उठाकर हर जगह लाभ कमा रहे हैं। इस वजह से आम जनता हर जगह शोषित और प्रताड़ित हो रही है। अब समय आ गया है कि ये सुधर जाएं, अन्यथा इन्हें कानून के हवाले किया जाएगा या फिर 'गैराज' (साइडलाइन) कर दिया जाएगा।"

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