बीरभूम के पत्थर खदान राजस्व से लेकर सिंडिकेट, अवैध बालू कारोबार और बाढ़ प्रबंधन तक कई मुद्दों पर सरकार का दावा
दुर्गापुर:मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दुर्गापुर पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को सृजनी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक के बाद पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान “संस्थागत भ्रष्टाचार” के कारण बीरभूम के पत्थर खदानों से मिलने वाला पांच करोड़ रुपये का राजस्व घटकर मात्र 30 लाख रुपये तक पहुंच गया था, जिसे वर्तमान सरकार ने फिर बढ़ाकर लगभग 2.5 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया है।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ ही समय में यह राजस्व फिर से पांच करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अवैध कारोबार और राजस्व लीकेज पर लगातार सख्ती बरत रही है।
सिंडिकेट राज और अवैध बालू कारोबार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक बैठक में पंचायत स्तर पर सिंडिकेट राज, जबरन वसूली और अवैध बालू खनन के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध बालू खदानों पर कार्रवाई के बाद कुछ लोग कृत्रिम संकट पैदा कर रेत की कीमत बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले जो बालू 8 हजार रुपये में मिलती थी, अब उसे 16 हजार रुपये में बेचा जा रहा है ताकि भाजपा सरकार की छवि खराब की जा सके। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया कि आम लोगों को ध्यान में रखते हुए बालू की कीमत नियंत्रित की जाए और कोई भी कारोबारी मनमाने दाम न वसूल सके।
57 विधानसभा क्षेत्रों की समीक्षा बैठक, तृणमूल विधायकों की अनुपस्थिति पर निशाना
मुख्यमंत्री ने बताया कि पांच जिलों के कुल 57 विधानसभा क्षेत्रों को लेकर यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें भाजपा के 50 विधायक मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि तृणमूल के सात विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुए।
दामोदर नदी की बाढ़ रोकने के लिए पांच जोन में बांटा गया क्षेत्र
मानसून और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के चेयरमैन के साथ नावन्ना में पहले ही बैठक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि निचले दामोदर क्षेत्र को पांच जोन में विभाजित किया गया है, जिसमें घाटाल, कांदी, उत्तर बंगाल और मालदा जैसे संवेदनशील इलाकों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा,
“अब वह दौर नहीं आएगा जब लोग बाढ़ में बहते रहेंगे और मुख्यमंत्री दुर्गा पूजा की परेड में व्यस्त रहेंगे। हमारी सरकार प्री-मानसून सीजन से पहले ही जरूरी काम शुरू कर चुकी है।”
“जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होगी”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में प्रशासनिक बैठकों के नाम पर जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ऐसा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार केवल वास्तविक विकास पर ध्यान देगी, न कि दिखावे की राजनीति पर।
दुर्गापुर नगर निगम चुनाव पर भी बोले मुख्यमंत्री
नगर निगम चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव की तिथि तय करना राज्य चुनाव आयोग का अधिकार है, लेकिन दुर्गा पूजा और काली पूजा के बाद हावड़ा के साथ-साथ दुर्गापुर में भी नगर निगम चुनाव कराने के लिए राज्य सरकार चुनाव आयोग को पूरा सहयोग देगी।
अग्निमित्रा पाल का अभिषेक बनर्जी पर तंज
बैठक में मौजूद मंत्री अग्निमित्रा पाल से जब कोलकाता हाईकोर्ट द्वारा अभिषेक बनर्जी के विदेश यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तृणमूल सरकार ने पूरे बंगाल में नीले-सफेद रंग के अस्पताल बनाए हैं, इसलिए अभिषेक बनर्जी का इलाज राज्य में ही कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा,
“सरकार कम से कम इतनी व्यवस्था तो कर ही सकती है कि अभिषेक बनर्जी को किसी सरकारी अस्पताल में एक बेड पर तीन मरीजों के साथ न रहना पड़े।”

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