कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए उच्च माध्यमिक शिक्षा संसद (WBCHSE) की सचिव प्रियदर्शिनी मल्लिक को उनके पद से हटा दिया है। प्रियदर्शिनी मल्लिक, पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक की पुत्री हैं।
इस्तीफे से इनकार के बाद गिरी गाज
सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन द्वारा प्रियदर्शिनी मल्लिक को पहले ही स्वेच्छा से पद छोड़ने का संकेत दिया गया था। हालांकि, उन्होंने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया। उनकी इस हठधर्मिता के बाद, राज्य सरकार ने एक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर उन्हें पदमुक्त करने का आदेश दिया।
क्या है मुख्य कारण?
प्रियदर्शिनी मल्लिक को हटाए जाने के पीछे मुख्य रूप से दो कारण माने जा रहे हैं:
राशन घोटाले की आंच: उनके पिता ज्योतिप्रिय मल्लिक फिलहाल राशन भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की हिरासत में हैं। इस विवाद के बाद से ही उनके परिवार के सदस्यों के प्रशासनिक पदों पर बने रहने को लेकर सवाल उठ रहे थे।
प्रशासनिक पुनर्गठन: राज्य सरकार शिक्षा विभाग और महत्वपूर्ण बोर्डों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नए चेहरों को जगह देना चाहती है।
नया निर्देश जारी
सरकार द्वारा जारी निर्देशिका में स्पष्ट किया गया है कि उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती हैं। उनकी जगह किसे नियुक्त किया जाएगा, इसकी घोषणा जल्द ही की जा सकती है। फिलहाल, इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और विपक्ष इसे सरकार की छवि सुधारने की एक कोशिश के रूप में देख रहा है।


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