कोलकाता। कलकत्ता उच्च न्यायालय परिसर में आज उस समय एक अभूतपूर्व और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को देखते ही प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने नारेबाजी शुरू कर दी। एक विशेष मामले के सिलसिले में अदालत पहुंचीं मुख्यमंत्री को वहां मौजूद कुछ लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, जैसे ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का काफिला हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुआ और वे अपनी कार से बाहर निकलीं, वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें देखते ही 'चोर-चोर' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसी बीच, भीड़ के एक हिस्से से 'जय श्री राम' के नारे भी सुनाई दिए। नारेबाजी इतनी तेज थी कि मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मियों को उन्हें सुरक्षित घेरे में लेकर तुरंत अंदर ले जाना पड़ा।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल:
हाईकोर्ट जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में मुख्यमंत्री के इतने करीब जाकर नारेबाजी होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के इतने करीब कैसे पहुंचे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
तृणमूल कांग्रेस: सत्तारूढ़ दल ने इस घटना की तीखी आलोचना की है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि न्यायालय परिसर जैसे पवित्र स्थान पर राज्य की मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह का व्यवहार एक सोची-समझी साजिश है और यह बंगाल की संस्कृति के खिलाफ है।
विपक्षी दल: दूसरी ओर, विपक्षी खेमे के कुछ नेताओं का कहना है कि यह जनता का स्वाभाविक आक्रोश है, जो अब नारों के रूप में सामने आ रहा है।
अदालत परिसर में हुई इस घटना ने राज्य की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया है।

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