महिला एवं बाल कल्याण तथा शहरी विकास विभाग की जिम्मेदारी मिलने पर जताई खुशी, अवैध कारोबार पर सख्ती का दिया संदेश
रानीगंज -आसनसोल दक्षिण विधानसभा केंद्र से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव जीतकर विधायक बनीं अग्निमित्रा पाल को राज्य सरकार में दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें महिला एवं बाल कल्याण विभाग तथा अर्बन डेवलपमेंट एंड म्युनिसिपल अफेयर्स मंत्रालय का दायित्व दिया है. मंत्री बनने के बाद शुक्रवार की संध्या पहली बार अग्निमित्रा पाल अपने विधानसभा क्षेत्र आसनसोल दक्षिण पहुंचीं, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
अपने दौरे के दौरान अग्निमित्रा पाल बख्तार नगर, पंजाबी मोड़, जेके नगर सहित कई इलाकों में पहुंचीं और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा आम लोगों से मुलाकात की. जगह-जगह भाजपा समर्थकों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका अभिनंदन किया.स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। मंत्री ने भी हाथ जोड़कर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया और सभी का आभार जताया.
इस मौके पर अग्निमित्रा पाल ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है कि उन्हें वही मंत्रालय मिला है, जिसके माध्यम से वह महिलाओं और जरूरतमंद लोगों के लिए बेहतर कार्य कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि विधायक के तौर पर जब वह अपने विधानसभा क्षेत्र में जाती थीं, तब महिलाओं से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराने और अन्य सुविधाएं देने का वादा करती थीं. अब मंत्रालय मिलने के बाद वह उन वादों को पूरा करने की दिशा में गंभीरता से काम करेंगी।
उन्होंने राज्य में अवैध गतिविधियों पर भी कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया.मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के शासनकाल में किसी भी प्रकार का अवैध कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. चाहे वह बालू और कोयले की अवैध तस्करी हो या अवैध टोल टैक्स वसूली, हर तरह की गैरकानूनी गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी स्वयं किसी भी अवैध कार्य को सहन नहीं करेंगे.
चुनाव बाद हिंसा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में अग्निमित्रा पाल ने कहा कि विधानसभा के भीतर भी यह मुद्दा उठाया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव बाद हिंसा किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता चुनाव बाद हिंसा के कारण अपने घर से बाहर रहने को मजबूर है, तो उसे सम्मानपूर्वक वापस लौटने का अवसर दिया जाएगा, हालांकि, उसकी जांच की जाएगी और यदि उसका नाम वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से संबंधित किसी एफआईआर में दर्ज पाया गया, तो कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेजा जाएगा.

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