हावड़ा- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद शुभेंदु अधिकारी शनिवार देर रात पहली बार हावड़ा ग्रामीण के उलुबेड़िया पहुंचे। यहाँ मनसा तला स्थित भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने उनका अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी के तेवर बदले हुए और काफी संयमित नजर आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता और मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी में जमीन-आसमान का अंतर होता है।
"पद की गरिमा सर्वोपरि": मुख्यमंत्री का संबोधन
हजारों उत्साहित समर्थकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "अब मुझे बहुत नाप-तोल कर और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी होगी। मुख्यमंत्री पद की अपनी एक गरिमा और मर्यादा होती है, जिसका पालन करना मेरा संवैधानिक कर्तव्य है।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी संयम बरतने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
विकास का एजेंडा: सबका साथ, सबका विकास
मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि नई सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा की राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के आधार पर नीतियां बनाई जाएंगी।आम जनता के सपनों को पूरा करना सरकार की पहली प्राथमिकता होगी।प्रशासनिक कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।
संवैधानिक मर्यादा पर जोर
शुभेंदु अधिकारी ने अपने संबोधन में बार-बार कानून के शासन का जिक्र किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का हर निर्णय और हर कार्य पूरी तरह से संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर किया जाएगा। उन्होंने यह संकेत दिया कि अब राज्य में प्रतिशोध की राजनीति के बजाय नीतिगत शासन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं का हुजूम
मुख्यमंत्री के अभिनंदन के लिए 16 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे जनसैलाब उमड़ पड़ा। हावड़ा ग्रामीण जिला भाजपा अध्यक्ष देवाशीष सामंत के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारों के साथ अपने नेता का स्वागत किया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

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