रानीगंज: माकपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय निरुपम सेन की स्मृति में बुधवार को रानीगंज के गिरजा पाड़ा इलाके में एक स्मरण सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित माकपा के वरिष्ठ नेता डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देश और राज्य के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुए जनता से एकजुट होकर प्रतिवाद करने का आह्वान किया.
"टीएमसी के राज में बढ़ी आरएसएस की शाखाएं"
वक्तव्य पेश करते हुए डॉ. सूर्यकांत मिश्रा ने ममता बनर्जी सरकार पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में वर्तमान सरकार ने आरएसएस और भाजपा के लिए मार्ग प्रशस्त किया है. ममता बनर्जी ने एक बार खुद आरएसएस को 'देशभक्त' बताया था और उन्हीं के मार्गदर्शन में संघ ने बंगाल में अपने पांव पसारे हैं." उन्होंने दावा किया कि टीएमसी के शासनकाल में ही पूरे राज्य में आरएसएस की शाखाओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है.
विभाजनकारी राजनीति पर चिंता
डॉ. मिश्रा ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आज देश में धर्म और जाति के नाम पर लोगों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने कहा, "हमारा देश विविधता में एकता का प्रतीक है, लेकिन भाजपा इसे 'हिंदू राष्ट्र' बनाकर इसकी मूल आत्मा को खत्म करना चाहती है.पहले बंगाल में ऐसा माहौल नहीं था, लेकिन आज धर्म के नाम पर नफरत फैलाई जा रही है."
बेरोजगारी और बंद कारखानों पर चुप्पी
औद्योगिक क्षेत्र की बदहाली पर दुख व्यक्त करते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आसनसोल और रानीगंज जो कभी उद्योगों के केंद्र थे, आज वहां कारखाने बंद पड़े हैं.उन्होंने कहा, "देश में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, लेकिन इन मूलभूत समस्याओं पर कोई बात नहीं कर रहा.चाहे भाजपा हो या टीएमसी, दोनों ही जनता की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने के प्रति गंभीर नहीं हैं.उनका एकमात्र एजेंडा लोगों को बांटकर सत्ता हथियाना है."
स्वर्गीय निरुपम सेन को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित इस सभा में क्षेत्र के तमाम वरिष्ठ वामपंथी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. मुख्य रूप से रानीगंज के पूर्व विधायक रुनु दत्ता, पार्थो मुखर्जी, जामुड़िया की पूर्व विधायक जहांआरा खान समेत कई अन्य नेता मंच पर मौजूद थे.


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