जामुड़िया-जामुड़िया बाजार स्थित श्री अग्रसेनजी भवन में मंगलवार को श्री रानीसती दादी मंगलपाठ का एक भव्य आयोजन संपन्न हुआ, जहाँ भक्ति, श्रद्धा और संस्कृति का एक अद्वितीय संगम देखने को मिला. इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं का उत्साह और समर्पण देखते ही बन रहा था.
कार्यक्रम का शुभारंभ अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित कर किया गया, जिसने पूरे वातावरण को एक दिव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. भव्य श्रृंगार से सुसज्जित रानीसती दादी की प्रतिमा ने भक्तों को अपनी ओर मंत्रमुग्ध कर लिया, जिससे पूरा हॉल भक्तिमय हो गया
इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए छप्पन भोग और भंडारा का विशेष इंतजाम किया गया था. सभी भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव से प्रसाद ग्रहण किया, जिससे आध्यात्मिक माहौल और भी गहरा हो गया.
मंगलपाठ में 301 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन सभी महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान जैसे रंग-बिरंगे घाघरा-ओढ़नी और पारंपरिक आभूषण पहनकर अपनी संस्कृति की गौरवगाथा को जीवंत कर दिया.उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए और यह आयोजन और भी आकर्षक बन गया.
इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण कोलकाता से पधारी प्रसिद्ध मंगलपाठ वाचिका देविका बाजोरिया रहीं. उन्होंने अपने सुमधुर स्वर और भावपूर्ण भजनों से उपस्थित जनसमूह को झूमने पर मजबूर कर दिया. उनके द्वारा प्रस्तुत रानीसती दादी के मंगलपाठ और भजन-कीर्तन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया.पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया और सभी श्रद्धालु देर तक भजन और पाठ में लीन रहे.
इस मंगलमय अवसर पर अनिता मेगोतिया, सीमा अग्रवाल, संगीता सिंघानिया, मधु सिंघानिया, सरिता बंसल, अनिता सोंथालिया, चंदा गुप्ता, वंदना सोंथालिया, ममता सोंथालिया, और सीमा तुलस्यान जैसी कई गणमान्य महिलाएँ उपस्थित थीं, जिन्होंने इस आयोजन की शोभा बढ़ाई.अनिता मेगोतीया ने बताया कि प्रत्येक वर्ष सावन माह में श्री राणीसती दादीजी का मंगल पाठ का आयोजन होती जहां,सिर्फ जामुड़िया ही नही बल्कि आस पास के महिलायें अपने सुहाग तथा परिवार की रक्षा के दादी जी आराधना करती है,राजस्थान के झुंझुनू में बिराजी माँ राणीसती दादी समस्त कष्टों का निवारण करती है. यह आयोजन जामुड़िया के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में एक यादगार अध्याय बन गया.




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