रानीगंज के स्कूलों में शिक्षक संकट गहराया, ममता बनर्जी की अपील बेअसर


रानीगंज: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा 7 अप्रैल को शिक्षकों से की गई स्वैच्छिक सेवा की अपील का रानीगंज के कई स्कूलों में कोई खास असर देखने को नहीं मिला.सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उत्पन्न हुई शिक्षकों की समस्या के समाधान के लिए बुलाई गई बैठक के बावजूद, कई पैनलबद्ध शिक्षकों ने स्कूलों से दूरी बनाए रखी है, जिससे पठन-पाठन और परीक्षाओं के संचालन में मुश्किलें आ रही हैं.


रानीगंज के बासंती देवी गोयनका बालिका विद्यालय में मंगलवार स्थिति तब स्पष्ट हुई जब यह देखा गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित 12 शिक्षक विद्यालय नहीं आई. इन शिक्षकों का नाम 2016 के फाइनल पैनल में शामिल था, हालांकि, उनकी अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है. विद्यालय की प्रधान शिक्षिका श्रुति गांगुली ने बताया कि इन 12 शिक्षकों ने कल कोलकाता में आयोजित एक समावेश में हिस्सा लिया था, लेकिन उसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है और उनसे फोन पर भी संपर्क नहीं हो सका है.


बासंती देवी गोयनका बालिका विद्यालय, जो कि रानीगंज की एकमात्र हिंदी माध्यम की छात्राओं का स्कूल है, पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है. वर्तमान में यहां केवल तीन पैरा टीचर कार्यरत हैं, जबकि पहले पांच थे. ये पैरा टीचर वर्तमान में आंदोलनरत हैं, लेकिन परीक्षाओं को देखते हुए उन्होंने विद्यार्थियों और सहकर्मियों का साथ देने के लिए श्रमदान करने का निर्णय लिया है, हालांकि, उन्होंने सामने कोई बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, यदि उनके संगठन द्वारा कोई निर्देश दिया जाता है, तो वे काम पर आने से इनकार कर सकते हैं.


शिक्षकों की कमी के कारण विद्यालय में पांचवीं से दसवीं कक्षा तक की चल रही परीक्षाओं का संचालन मुश्किल हो गया है. प्रत्येक शिक्षक पर लगभग 75 विद्यार्थियों की निगरानी की जिम्मेदारी आ गई है प्रधान शिक्षिका श्रुति गांगुली ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वे अब इस समस्या के समाधान का इंतजार कर रही हैं.


वहीं, रानीगंज के ही सियारसोल राज हाई स्कूल में स्थिति कुछ अलग दिखी . इस स्कूल के दो शिक्षक, जिनका नाम पैनल में शामिल है, आज नियमित रूप से विद्यालय आए. प्रधान शिक्षक तापस चटर्जी ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है, इसलिए जिस दिन भी स्कूल में पठन-पाठन होगा, वे उपस्थित रहेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद क्या होगा और उनके वेतन का क्या होगा, इस बारे में वे अनिश्चित हैं.


बासंती देवी बालिका विद्यालय में 12 शिक्षकों की अनुपस्थिति और सियारसोल राज हाई स्कूल के शिक्षकों की अनिश्चितता यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री की अपील के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्पन्न हुई शिक्षकों की समस्या अभी भी बनी हुई है और स्कूलों में पठन-पाठन तथा परीक्षाओं के संचालन पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. शिक्षा विभाग को जल्द ही इस समस्या का समाधान निकालना होगा ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो.

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