निमचा: ईस्ट कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) द्वारा निमचा में संचालित हाई वाल माइनिंग को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है.बुधवार को स्थानीय निवासियों ने खदान के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ईसीएल बिना उचित भूमि अधिग्रहण के ही उनकी जमीन पर कोयला खनन कर रही है, जिससे उनके जीवन और पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है.
रोजगार का झूठा वादा: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि ईसीएल अधिकारियों ने स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस वादे को पूरा नहीं किया गया है. खदान से होने वाले मुनाफे का लाभ सिर्फ कंपनी को ही मिल रहा है, जबकि स्थानीय लोगों को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही उनके जीवन स्तर में कोई सुधार हुआ है.
पर्यावरण पर गहरा असर: स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान के कारण क्षेत्र में पानी का स्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे पानी की किल्लत हो गई है. इसके अलावा, खदान से निकलने वाले धूल के कणों से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं. खराब सड़कों के कारण आवागमन में भी काफी दिक्कत होती है. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों को इन समस्याओं से अवगत कराया है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. अधिकारियों ने सिर्फ आश्वासन दिए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है.बिना उचित मुआवजे के जमीन अधिग्रहण बंद किया जाए.ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए,प्रदूषण पर नियंत्रण किया जाए,सड़कों की मरम्मत की जाए,गांव में बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की जाये,खदान से होने वाले नुकसान की भरपाई की जाए.कोयला डिपो गांव के अंदर ही बनाया जाए. निमचा हाई वॉल के खिलाफ स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. सरकार और कंपनियों को स्थानीय लोगों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनके हितों की रक्षा करनी चाहिए.



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