अंचल के प्रख्यात यूरोलॉजिस्ट (मूत्र रोग विशेषज्ञ) डॉ राजू रंजन प्रभात खबर के प्रतिनिधि से मिल कर मूत्र जनित रोगों पर रोकथाम के लिए कई टिप्स दिए. इस दौरान उन्होंने मूत्र रोग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय जाहिर की. उन्होंने इन रोगों से बचने के कुछ उपाय भी सुझाए. उन्होंने बताया कि रानीगंज कोयलांचल में क्योंकि प्रदूषण ज्यादा है इसिलीए यहां लोगों को विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी अधिक हैं. यहां बड़ी संख्या में लोग मांस, मछली आदि खाते है, पानी थोड़ा कम पीते हैं. इस वजह से स्टोन की बीमारी ज्यादा हो रही है. वहीं बीड़ी सिगरेट जैसे नशीले पदार्थो की आदत से ब्लैडर ट्यूमर जैसी बीमारी हो सकती है.उन्होंने बताया कि बांकुड़ा, बीरभूम, पुरुलिया जैसे जिलों में लोगो में स्टोन की बीमारी बहुत ज्यादा देखी जा रही है.उनका कहना था कि आजकल लोग शारीरिक कसरत बिलकुल भी नहीं करते इस वजह से कई बीमारियां हो रही हैं. लोगों से मॉर्निंग वॉक करने और युवा पीढ़ी से वर्जिस करने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा योग करने से भी कई बीमारियां दूर हो जाती हैं, वहीं पानी पीने को लेकर उन्होंने बताया कि यह हर एक व्यक्ति के लिए अलग अलग है. जो दिल के मरीज हैं उनको कम पानी पीने की जरूरत है, वरना इससे दिल पर दबाव बढ़ सकता है.वहीं उम्रदराज लोग शाम छह बजे के बाद ज्यादा पानी न पिएं ,क्यूंकि इससे रात में ज्यादा पेशाब लग सकती है,एवं बार-बार पेशाब जाना पड़ सकती है.वहीं जिनको किडनी की बीमारी है उनको भी जरूरत से ज्यादा पानी नहीं पिए. मूलतः पटना के रहने वाले डॉ राजू रंजन ने बताया की किडनी की बीमारी ऐसी होती है, जिससे अचानक मौत नही होती लंबे समय तक लोगों को यह बीमारी रहती है. इससे बचने के ज्यादा मात्रा में ऐसे पदार्थों से बचने की सलाह दी जिनमे अतिरिक्त खनिज या नमक हो. उन्होंने बताया कि कुछ आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं जिनमे यह सब ज्यादा होता है, इन दवाओं को लेना बुरा नही है लेकिन कोई भी दवा उचित मात्रा में और चिकित्सक की निगरानी में लेनी चाहिए. लोगों से पौष्टिक भोजन करने और नियमित कसरत करने को कहा जिससे ब्लड शुगर नियंत्रण में रहे . उन्होंने बताया कि साग, बैंगन,बंधागोभी, टमाटर,पालक साग आदि का ज्यादा सेवन करने से स्टोन का खतरा बढ़ जाता है.रोजाना कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने से स्टोन से बचा जा सकता है. वहीं मूत्र संक्रमण से बचने के लिए उन्होंने लोगों को पब्लिक शौचालय का इस्तेमाल कम से कम करने सलाह दी . उन्होंने बताया कि अगर किसी को पब्लिक शौचालय का इस्तेमाल करना ही पड़े तो वह अपने गुप्तांग की अच्छे से सफाई करें. उन्होंने लोगों को शुगर को नियंत्रण में रखने की सलाह दी क्योंकि अगर किसी का शुगर बढ़ जाता है तो न सिर्फ उसको मूत्र संबंधित परेशानी ही सकती है उनकी किडनी पर भी असर पड़ सकता है जिससे उनको भारी दिक्कत हो सकती है. बार बार पेशाब जाने को लेकर उन्होने कहा कि यह उस व्यक्ति की जांच करने पर ही समझ आ सकता है कि उसको यह तकलीफ क्यों हो रही है, इसके पीछे उम्र ,शुगर की बीमारी सहित कई कारण हैं .उन्होंने बताया कि अगर रात में एक या एक से अधिक बार किसी को पेशाब के लिए उठना पड़ रहा है तो यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए. किसी व्यक्ति को पूरे दिन में कितनी बार पेशाब करना चाहिए, इसकी कोई निश्चित सीमा नहीं है लेकिन अमूमन 5 से 6 बार तक स्वाभाविक है.










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