पंचायत चुनाव को लेकर बांकुरा के छातना प्रखंड में तृणमूल और भाजपा को जोर धक्का लगा है . जहा तृणमूल संचालित ग्राम पंचायत के उप प्रधान के कांग्रेस में शामिल होने के साथ साथ भाजपा के मंडल समिति सदस्य ने भी भाजपा छोड़ कांग्रेस का झंडा थामा है . कांग्रेस का दावा है कि पंचायत चुनाव से पहले इस ज्वाइनिंग से बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को मजबूती मिली है. तृणमूल और भाजपा इस मुद्दे को महत्व देने को तैयार नहीं हैं
कुछ महीने पहले बांकुड़ा के छातना में सौ से ज्यादा कार्यकर्ता तृणमूल और बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे. चुनावों की दौड़ में, तृणमूल द्वारा संचालित मेटाला ग्राम पंचायत की उप प्रमुख कविता मंडी कांग्रेस में शामिल हो गईं वही प्रखंड के भाजपा के छातना मंडल समिति के सदस्य नित्यानंद गांगुली ने भी कांग्रेस का झंडा थाम लिया. कांग्रेस नेता अभिषेक बिस्वास का कहना कि कविता मांडी एवम नित्यानंद गांगुली समेत , छातना ब्लॉक के मेटाला और तेघरी क्षेत्रों से तृणमूल और भाजपा के कई सक्रिय कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं छतना क्षेत्र में कांग्रेस का संगठन और मजबूत हो गया क्योंकि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अन्य दलों को छोड़कर कांग्रेस की मांग पर कांग्रेस में शामिल हो गए ..उपप्रमुख का दावा है कि वह पार्टी बदल रहे हैं क्योंकि वह पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं बीजेपी छोड़ने वाले नित्यानंद गांगुली ने कहा कि बीजेपी में काम करने का मौका नहीं मिलने के बाद पार्टी बदलने का फैसला गुटबाजी के चलते लिया गया.
तृणमूल के तरफ से जिला सचिव बंकिम मिश्र का कहना की मेटाला ग्राम पंचायत के उप प्रधान भ्रष्टाचार से जुड़ी है यह महसूस करते हुए कि तृणमूल उन्हें इस चुनाव में टिकट नहीं देगी, उन्होंने दल को बदल दिया .भाजपा विधायक नीलाद्री दाना का कहना की नित्यानंद नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानते इसके अलावा, भाजपा एक बड़ी पार्टी है एक या दो लोगों के आने जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ता.

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